पटना

'गृहमंत्री का कार्यक्रम रोकने के लिए सासाराम में रची गई हिंसा की साजिश...', सुशील मोदी ने किया नीतीश सरकार पर हमला

  • Authored by: रंजीता झाEdited by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 3, 2023, 12:53 PM IST

सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रही है। अगर समय रहते सख्ती बरती गई होती तो इतनी बड़ी हिंसा न भड़कती।

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बिहार हिंसा को लेकर सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Bihar News: बिहार के सासाराम और नालंदा में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की हिंसा पर अब दिल्ली से भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अब बिहार नही संभाल पा रहे हैं, जहां कर्फ़्यू लगाना चाहिए था, प्रशासन और सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई थी। इसका ख़ामियाज़ा युवा चंदन को अपनी जान देकर चुकानी पड़ा।

बता दें, सासाराम से हिंसा का ताजा मामला सामने आया है। यहां एक बम ब्लास्ट हुआ है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने कि खबर नहीं है। वहीं, नालंदा में 4 अप्रैल तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

गृहमंत्री की रैली रोकने के लिए रची गई साजिश

सुशील मोदी ने कहा कि जो इलाक़े संवेदनशील थे, वहांं छतों से निगरानी की गई होती तो इस घटना को रोका जा सकता था, लेकिन सरकार अपने अहम में है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। कहा कि सासाराम में अमित शाह की रैली थी और उस रैली को रोकने के लिए साजिश रची गई।रामनवमी के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को पहले सासाराम में पथराव और आगजनी हुई थी, फिर नालंदा भी सुलग उठा। हिंसक झड़पों के बाद धारा 144 लागू होने के कारण शाह का बिहार के रोहतास में सासाराम का दौरा रद्द कर दिया गया।

बिहार सरकार कर रही है एकतरफ़ा कार्रवाई

सुशील मोदी ने इस दौरान बिहार सरकार पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, एक शिलालेख जिसे मज़ार में बदल दिया गया था, गृहमंत्री अमित शाह के प्रयास से उसका ताला फिर खोला गया। इस बात को लेकर भी लोगों में तनाव था। उन्होंने कहा, मंदिर के नज़दीक बम बनाने वाले को पुलिस क्यों नहीं आइडेंटिफाइ कर पा रही है? ऐसा लग रहा है की पुलिस दंगाइयों के ख़िलाफ़ नरमी बरत रही है।
रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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