Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक कारोबारी को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया, एक आरोपी ने तो पुलिस की वर्दी पहनी थी। कार में जबरन बैठाने के बाद उनसे 30 लाख रुपये फिरौती की रकम की मांग की गई। ये सभी गंभीर आरोप कारोबारी ने लगाए हैं और गौतमबुद्धनगर के पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उनकी ही कार में अगवा कर ले गए आरोपी
शिकायत के मुताबिक, संदीप कुमार 20 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे अपने कुत्ते के साथ कार से ऑफिस जा रहे थे। वह ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एस एस्पायर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक कार उनकी गाड़ी के सामने आकर रुक गई। संदीप का आरोप है कि कार से तीन लोग उतरे। इनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी, जबकि दो अन्य लोग भी उसके साथ थे। आरोपियों ने कहा कि उनके नाम से एक शिकायत दर्ज है और उन्हें उनके साथ चलना होगा। जिसके बाद आरोपियों ने हथियार के बल पर संदीप को उन्हीं की कार में बैठाया और एक ने गाड़ी चलाना शुरू कर दिया।
29 लाख रुपये देने पर छोड़ा
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते आगरा की तरफ ले जाया गया। रास्ते में आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पहले 50 लाख रुपये की मांग की गई। बाद में आरोपियों ने रकम घटाकर 30 लाख रुपये देने को कहा। संदीप के अनुसार, लगातार धमकियों और दबाव के बाद उन्होंने अपने बड़े भाई से रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों के बताए व्यक्ति को पैसे देने की व्यवस्था की गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि 29 लाख रुपये देने के बाद उनका डॉग वापस उनकी कार में लाया गया। इसके बाद आरोपी उनकी कार को सेक्टर-96 अंडरपास के पास छोड़कर चले गए।
हफ्ते भर लगाए थाने के चक्कर
संदीप ने बताया कि घटना के बाद वह काफी डर गए थे। उनकी पत्नी ने 112 नंबर पर पुलिस को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, पुलिस ने उन्हें बिसरख थाने जाने के लिए कहा। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद वह करीब एक सप्ताह तक थाना और चौकी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने बताया कि मामले में पीड़ित के शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है, टीमों का गठन किया गया है।
