Anil Kumble Test Debut: आज से तकरीबन 36 साल पहले भारतीय क्रिकेट को अपना सबसे बड़ा स्पिन हीरो मिला था। 9 अगस्त 1990 को मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ अनिल कुंबले ने अपना टेस्ट डेब्यू किया था और यहीं से एक लीजेंड की कहानी शुरू हुई। टेस्ट कैप मिलने से पहले कुंबले 25 अप्रैल 1990 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे में डेब्यू कर चुके थे। लेकिन मैनचेस्टर का वो दिन उनके लिए सबसे खास था। भारत के 192वें टेस्ट खिलाड़ी बने कुंबले ने डेब्यू मैच में ही अपनी छाप छोड़ दी।
आज भी याद है एलन लैंब का विकेटडेब्यू टेस्ट की पहली पारी में कुंबले ने 43 ओवर में 3 विकेट लिए। इंग्लैंड की दूसरी पारी में उन्हें विकेट नहीं मिला, लेकिन उस मैच में उन्होंने जो पहला टेस्ट विकेट लिया वो आज भी उनके दिल के सबसे करीब है। X पर पोस्ट करके कुंबले ने इस दिन को याद किया। उन्होंने लिखा, "आज से 36 साल पहले मुझे भारत के लिए 192वीं टेस्ट कैप मिली थी। एलन लैंब का विकेट लेना एक शानदार सफर की शुरुआत थी, जिसे मैं आज भी बहुत संजोकर रखता हूं। इस सफर और इसमें साथ देने वाले हर शख्स के लिए आभारी हूं।"
619 विकेटों का बादशाह
डेब्यू के बाद कुंबले ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 132 टेस्ट में 619 विकेट लेकर वो भारत के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज बने। दुनिया में उनसे आगे सिर्फ मुरलीधरन, शेन वॉर्न और जेम्स एंडरसन हैं। 271 वनडे में 337 विकेट के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम 953 विकेट हैं। ये किसी भी भारतीय गेंदबाज का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 1999 में दिल्ली टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट लेकर उन्होंने जिम लेकर के बाद ये कारनामा करने वाले दूसरे गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
कोच के तौर पर भी सफल
खिलाड़ी के बाद कुंबले ने 2016-2017 में टीम इंडिया के हेड कोच की भूमिका भी निभाई। विराट कोहली की कप्तानी में उनकी जोड़ी में भारत ने वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती। 2015 में उन्हें ICC हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया गया।मैनचेस्टर से शुरू हुआ वो सफर आज भारतीय क्रिकेट के सुनहरे अध्यायों में से एक है।
