CBI ने दिल्ली जल बोर्ड के लोगो के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी के गंभीर मामले में आरोपी बिट्टू कुमार को पटना से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने शिकायतकर्ता को फर्जी APK इंस्टॉल करने के लिए मनाया, जिससे उसने मालवेयर फैलाकर व्हाट्सएप अकाउंट और वित्तीय डेटा तक अवैध पहुंच बनाई। पुलिस ने पेट्रोल पंप पर डेबिट कार्ड बदलते समय बिट्टू कुमार को पकड़ा। साथ ही, पुलिस ने तीन स्थानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। आरोपी को आज दिल्ली की अदालत में पेश किया गया है।
आरोपी की पटना में गिरफ्तारी
CBI ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बिहार के पटना से आरोपी बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी कई दिनों से दिल्ली जल बोर्ड के लोगो और नाम का दुरुपयोग कर लोगों को धोखा दिया करता था। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए उकसाया था, जिससे शिकायतकर्ता के मोबाइल डेटा, वित्तीय जानकारी और व्हाट्सएप अकाउंट तक उसने अवैध पहुंच बनाई। इसकी वजह से मालवेयर और मैलिशियस लिंक फैलाकर एक चेन रिएक्शन के जरिए अन्य अकाउंट्स भी प्रभावित हुए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने व्हाट्सएप डीपी में दिल्ली जल बोर्ड का लोगो लगा रखा था।
जांच के दौरान ये चीजें बरामद हुईं
CBI ने 15 अप्रैल 2025 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू की। एक ऑपरेशन के दौरान, बिट्टू कुमार को पेट्रोल पंप पर डेबिट कार्ड बदलते हुए पकड़ा गया। इसके बाद, तीन स्थानों पर छापेमारी कर 11 मोबाइल, 14 डेबिट कार्ड, नकद राशि, नोट वेंडिंग मशीन, और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। इस मामले में 17 अप्रैल को आरोपी को पटना की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया। आज बिट्टू कुमार को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया है।
