पटना : बिहार में अपराध की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खासकर, पिछले कुछ दिनों से साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं में इजाफा देखा जा रहा है। साइबर अपराधी आम और खास लोगों को निशाना बनाकर बड़ा अमाउंट खाते में ट्रांसफर कर रहे हैं। लिहाजा, सीबीआई (CBI) ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। सीबीआई ऑपरेशन चक्र V की शुरुआत की है, जो गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर चल रहा है। इस ऑपरेशन के तहत, सीबीआई ने राजस्थान के झुंझुनू में एक डिजिटल गिरफ्तारी का मामला अपने हाथ में लिया।
पीड़ित को तीन महीने तक डिजिटल रूप से हिरासत में रखा गया और 42 बार जबरन वसूली की गई, कुल राशि 7 करोड़ 67 लाख। सीबीआई ने जांच के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग किया। उत्तर प्रदेश, मुंबई, जयपुर और पश्चिम बंगाल में बारह स्थानों पर तलाशी ली गई। चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से दो मुंबई और दो यूपी के मुरादाबाद से हैं। तलाशी में बैंक खाते के डिटेल, डेबिट कार्ड, चेक बुक, और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए। दूसरा केस सिंगापुर से जुड़ा है, जिसमें 84 लोगों से करोड़ों की वसूली की गई। बिहार के कुछ एजेंट्स इस मामले में शामिल हैं। ADG STF कुंदन कृष्णन ने बताया कि बिहार साइबर अपराध के लिए शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। बिहार पुलिस साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने में जुटी है।
बिहार में RJD पार्षद को लगाया था चूना
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान पार्षद मोहम्मद सोहैब ने पुलिस से शिकायत की है कि साइबर जालसाजों ने धन शोधन के एक मामले से जुड़े होने के नाम पर उन्हें पटना स्थित उनके आवास पर घंटों तक ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ रखा। एक अधिकारी ने बताया कि पटना साइबर पुलिस थाने ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिकायत में सोहैब ने दावा किया कि आरोपियों ने उन्हें घर से बाहर निकलने या कोई सहायता मांगने पर ‘‘कानूनी कार्रवाई और जान से मारने’’ की भी धमकी दी। विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) सोहैब ने कहा कि उन्हें आठ अप्रैल को दिन में करीब साढ़े 10 बजे दो फोन नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को साइबर क्राइम मुंबई इकाई का अधिकारी बताया।
सोहैब ने अपनी शिकायत में कहा कि फोन करने वाले ने मुझे बताया कि मैं धन शोधन के एक मामले में संलिप्त रहा हूं और मैंने मुंबई में केनरा बैंक के खाते के जरिए करोड़ों रुपये के धोखाधड़ी वाले लेन-देन और अवैध ऑनलाइन गतिविधियां की हैं। उन्होंने मुझे धोखाधड़ी के मामले का ब्योरा दिया। राजद नेता ने कहा कि फोन करने वाले ने उनसे आधार नंबर, संपत्ति का विवरण और कुछ अन्य रिकॉर्ड जैसी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया। सोहैब ने पिछले सप्ताह दायर अपनी शिकायत में कहा है, ‘‘उन्होंने कोरे कागज पर मेरे हस्ताक्षर भी लिए। जालसाजों ने मुझे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। बार-बार प्रयास करने के बावजूद, सोहैब से संपर्क नहीं हो पाया।
