पटना

पटना में खुदाई के दौरान मिला 500 साल पुराना शिव मंदिर, पूजा के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

पटना के आलमगंज इलाके में खुदाई के दौरान करीब 500 साल पुराना एक शिव मंदिर मिला है। शिव मंदिर मिलने के सूचना मिलते ही दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लग गई। मंदिर मिलने के बाद से ही यहां पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है।

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में जमीन की खुदाई में लगभग 500 साल पुराने शिव मंदिर के अवशेष मिले हैं। मंदिर मिलने की सूचना मिलते ही यहां लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। सब लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचने लगे। 500 साल पुराना शिव मंदिर देख पूरे इलाके में जयकारा सुनाई देने लगी। जानकारी के अनुसार, यह जमीन मठ की है और जमीन धसने के बाद यहां खुदाई की गई थी। तभी अचानक शिव मंडप मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 500 साल पुराना है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस इलाके में और भी कई मंडप यानी मंदिर है। खुदाई किए जाने पर और भी मंदिर मिल सकते हैं।

खुदाई में मिले शिव मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे लोग

मठ की जमीन पर खुदाई के दौरान एक गेट मिला और उसके अंदर जाने पर मंदिरनुमा आकृति बनी हुई दिखी। इसमें एक शिवलिंग और पदचिह्न बने हुए है। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जगह की खुदाई करने के लिए स्थानीय निवासियों ने अधिकारियों के आने का भी इंतजार नहीं किया। खुदाई में मिले मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद लोगों ने यहां पूजा-पाठ शुरू कर दिया। मंदिर के अवशेष मिलने की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाकों के लोग भारी संख्या में यहां दर्शन के लिए पहुंचने लगे। मंदिर को देख पूरा इलाका भगवान की जयकारों से गूंजने लगा।

जमीन धसने में दिखा मंदिर का कुछ हिस्सा

500 साल पुराना यह शिव मंदिर पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र के नारायण बाबू गली के पास मिला है। यहां रविवार को अचानक जमीन धंसने लगी। जमीन के धंसने पर लोगों को आकृति दिखाई दी। साफ-सफाई करने पर मंदिर का ऊपरी हिस्सा दिखने लगा। फिर स्थानीय लोगों ने जमीन की खुदाई शुरू कर दी। करीब 5 फुट की खुदाई के बाद जमीन से शिव मंदिर निकाला। वीडियो में आप देख सकते हैं कि मंदिर के अंदर काले पत्थर का एक शिवलिंग स्थापित है और उसके साथ पदचिह्न भी हैं। मंदिर में बने स्तंभों पर खूबसूरत नक्काशी भी देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर किसी खास धातु से बना है, क्योंकि इससे लगातार पानी निकल रहा है। लोगों का कहना है कि इस मंदिर को वापस पुराने स्वरूप में लाया जाएगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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