Patna News: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में कार्रवाई तेज करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
SIT ने इलाज से जुड़े दस्तावेज खंगाले
रविवार को SIT की टीम ने छात्रा के इलाज से जुड़े अस्पतालों का दौरा किया। टीम सहज सर्जरी क्लिनिक और प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंची, जहां छात्रा का इलाज किया गया था। इस दौरान मेडिकल रिपोर्ट, उपचार प्रक्रिया और घटनाक्रम की टाइमलाइन की बारीकी से जांच की गई। SIT यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को किस हालात में अस्पताल लाया गया था और इलाज के दौरान क्या-क्या हुआ।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने इस मामले में यौन शोषण के बाद हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि शुरुआती स्तर पर मामले को आत्महत्या बताया गया, जबकि परिस्थितियां कुछ और इशारा कर रही थीं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा कई दिनों तक कोमा में रही और आखिरकार 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस को छात्रा की उम्र 17 साल 4 महीने बताई गई थी, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उसकी उम्र 18 वर्ष दर्ज कर दी गई। इसे लेकर परिजनों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका यह भी दावा है कि मामले की जांच से जुड़े कुछ अधिकारी उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
प्रदर्शन और गिरफ्तारी से बढ़ी हलचल
छात्रा की मौत के बाद पटना में न्याय की मांग को लेकर छात्रों और परिजनों ने प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शहर के कई इलाकों में विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। इसी बीच पुलिस ने उस इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया है, जहां छात्रा रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गठित SIT अब कंकड़बाग इलाके में हुई इस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
