ठंड में आखिर क्यों किटकिटाने लगते हैं दांत? कम लोग जानते हैं सर्दियों का यह फैक्ट

सर्दियों में जैसे ही ठंडी हवा शरीर को छूती है, कई लोगों के दांत अपने आप किटकिटाने लगते हैं। कभी-कभी तो इतनी तेज कंपकंपी होती है कि ऐसा लगता है जैसे दांत आपस में टकराकर कोई अलग ही धुन बजा रहे हों लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ठंड में हमारे दांत क्यों किटकिटाते हैं?

Authored by: Pankaj YadavUpdated Sep 20 2026, 11:05 IST
क्यों किटकिटाते हैं हमारे दांत?Image Credit : IStock01 / 07

क्यों किटकिटाते हैं हमारे दांत?

दरअसल, दांत खुद से किटकिटाने का फैसला नहीं करते। इसके पीछे हमारे शरीर का एक बेहद खास सिस्टम काम करता है। जब शरीर का तापमान सामान्य से नीचे जाने लगता है, तो शरीर खुद को गर्म रखने के लिए तुरंत कई तरह के बदलाव शुरू कर देता है।

शरीर को गर्म रखने की कोशिशImage Credit : IStock02 / 07

शरीर को गर्म रखने की कोशिश

हमारे शरीर का सामान्य तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। शरीर इस तापमान को बनाए रखने की लगातार कोशिश करता है। जब बाहर का तापमान बहुत कम होता है, तो शरीर को गर्मी बचाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दिमाग शरीर को संकेत देता है कि गर्मी पैदा करो।

दांतों से क्यों आती है किट-किट की आवाजImage Credit : IStock03 / 07

दांतों से क्यों आती है किट-किट की आवाज

इसके बाद हमारी मांसपेशियां बहुत तेजी से सिकुड़ने और ढीली होने लगती हैं। यही प्रक्रिया हमें कंपकंपी के रूप में महसूस होती है। जब जबड़े और उसके आसपास की मांसपेशियां भी इसी तरह तेजी से सिकुड़ती हैं, तो दांत आपस में टकराने लगते हैं। इसी वजह से किट-किट-किट जैसी आवाज सुनाई देती है।

कंपकंपी आखिर गर्मी कैसे पैदा करती है?Image Credit : IStock04 / 07

कंपकंपी आखिर गर्मी कैसे पैदा करती है?

यहां शरीर का एक और कमाल देखने को मिलता है। जब हमारी मांसपेशियां तेजी से सिकुड़ती हैं, तो उनमें ऊर्जा खर्च होती है और थोड़ी गर्मी पैदा होती है। यानी ठंड में शरीर का कांपना सिर्फ परेशानी नहीं है, बल्कि शरीर का खुद को गर्म रखने का एक प्राकृतिक तरीका है। दांतों का किटकिटाना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

ठंड में सिर्फ दांत ही क्यों बजते हैं?Image Credit : IStock05 / 07

ठंड में सिर्फ दांत ही क्यों बजते हैं?

असल में सिर्फ दांत ही नहीं कांपते। ठंड ज्यादा होने पर हाथ, पैर, कंधे और शरीर की दूसरी मांसपेशियां भी कांप सकती हैं। कई बार पूरी बॉडी जोर-जोर से हिलने लगती है। दांतों का किटकिटाना हमें ज्यादा महसूस इसलिए होता है क्योंकि जबड़े की छोटी-छोटी मांसपेशियों की तेज गतिविधि सीधे दांतों की टक्कर में बदल जाती है।

शरीर का अपना ‘हीटर’Image Credit : IStock06 / 07

शरीर का अपना ‘हीटर’

इसे आसान भाषा में समझें तो ठंड में शरीर अपने अंदर का एक छोटा सा ‘हीटर’ चालू कर देता है। यह हीटर कोई मशीन नहीं, बल्कि हमारी मांसपेशियां हैं। जितनी ज्यादा ठंड महसूस होती है, शरीर उतनी ही तेजी से गर्मी बनाए रखने की कोशिश कर सकता है। इसलिए बहुत ज्यादा ठंड में कंपकंपी भी तेज हो सकती है।

क्या हमेशा सामान्य है दांत किटकिटाना?Image Credit : IStock07 / 07

क्या हमेशा सामान्य है दांत किटकिटाना?

सिर्फ ठंड की वजह से थोड़ी देर तक कंपकंपी और दांत किटकिटाना आमतौर पर शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है। गर्म जगह पर जाने, गर्म कपड़े पहनने या शरीर का तापमान सामान्य होने के बाद यह कम हो जाता है लेकिन अगर बहुत ज्यादा ठंड न होने के बावजूद बार-बार तेज कंपकंपी हो, या उसके साथ बुखार, कमजोरी, भ्रम या दूसरी परेशानी महसूस हो, तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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