नोएडा

नोएडा सेक्टर 138 की झुग्गियों में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की गुंडागर्दी, स्थानीय लोग डर के साए में

नोएडा के सेक्टर-138 में सरकारी जमीन पर अवैध झुग्गियां लगातार बढ़ रही हैं। यहां रहने वाले लोग खुद को रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताते हैं। ये लोग बिजली चोरी करते हैं और झुग्गियों में दुकानें भी चला रहे हैं। स्थानीय लोग इनसे डरते हैं और शिकायत करने पर उन्हें धमकी मिलती है।

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सेक्टर 138 की झुग्गियों में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों का राज

Photo : Times Now Digital

सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण की समस्या बहुत पुरानी है। नोएडा के सेक्टर 138 में भी यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यहां नोएडा अथॉरिटी की जमीन पर अवैध झुग्गी-बस्तियां उभर आयी हैं। इन बस्तियों में रहने वाले लोग खुद को रोहिंग्या बताते हैं, जो असम और बांग्लादेश से आए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह लोग यहां पर अवैध रूप से झुग्गी बनाकर रह रहे हैं और बिजली चोरी भी करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन झुग्गी बस्तियों में दुकानें भी खुल गई हैं और वहां बड़े-बड़े रेफ्रिजरेटर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मतलब इन लोगों ने यहां पर अपना स्थायी निवास बना लिया है।

जब कोई इनसे प्रश्न करता है तो यह लोग उनसे झगड़ा करने लगते हैं और धमकी देते हैं। यहां कई स्कूल और आवासीय इलाके भी हैं। इस तरह से खुलेआम कथित तौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के बसने से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।

यहां नोएडा अथॉरिटी की जमीन पर एक बोर्ड भी लगा है, जिससे स्पष्ट होता है कि यह अथॉरिटी की जमीन है। यहां की झुग्गियों में रहने वाले लोगों का दावा है कि वह किराया देते है, जबकि मकान मालिक का कोई अता-पता उन्हें भी नहीं हैं।

उनकी भाषा से भी अंदाजा लगता है कि यह लोग रोहिंग्या है। हालांकि, वे स्वयं को असम और बंगाल के निवासी बताते हैं। ऐसे में स्थानीय लोग चिंतित हैं और उन्हें भारी असुविधाओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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