Delhi News: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही और खुले नालों के खतरनाक तंत्र ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सरिता विहार थाना क्षेत्र स्थित जसोला गांव में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पतंग उतारने की कोशिश में 15 वर्षीय स्कूली छात्र अचानक एक खुले और उफनाते नाले में गिरकर बह गया। घटना के बाद से ही गोताखोरों, दिल्ली पुलिस और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है, लेकिन शनिवार देर रात तक किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका। रविवार को एक बार फिर से गहन तलाशी अभियान शुरू किया जा रहा है।
पतंग उतारने के दौरान फिसल गया पैर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे की है। जसोला गांव का रहने वाला 15 वर्षीय मिथुन, जो आठवीं कक्षा का छात्र था, अपने घर के पास दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान नाले के पास फंसी एक पतंग को छुड़ाने या उतारने के प्रयास में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खुले नाले में जा गिरा। नाला पूरी तरह से खुला और गहरा होने के कारण पानी के तेज बहाव में मिथुन देखते ही देखते आंखों के सामने से ओझल हो गया।
रात तक चला रेस्क्यू अभियान
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने नाले के अंदर कई किलोमीटर तक छानबीन की, लेकिन नाले में गाद (सिल्ट) और गहरे पानी के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। शनिवार शाम और देर रात तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद जब मिथुन का कोई पता नहीं चला, तो रात में दृश्यता कम होने की वजह से अभियान को रोकना पड़ा।
बेबस पिता का छलका दर्द
हादसे के बाद से ही मिथुन के घर में मातम छाया हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मिथुन के पिता अवधेश कुमार ने प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। अवधेश ने कहा कि मेरा बेटा कल सुबह 11 बजे इसमें गिर गया था। उसकी उम्र चौदह या पंद्रह साल है, नाम मिथुन है। हमें नहीं पता कि वह अचानक कैसे गिरा, लेकिन अभी तक उसका कोई पता नहीं चला है। यह नाला पूरी तरह से खुला हुआ है और कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। अब NDRF की टीम और गोताखोर आए हैं, बस हमारे बच्चे को ढूंढ दें..."
