नोएडा

नए नोएडा को लेकर आया नया Update, सिटी फॉरेस्ट से हरा-भरा रहेगा क्षेत्र

उत्तर प्रदेश में नया नोएडा बसाए जाने की तैयारियां की जा रही हैं। यहां नए नोएडा को बसाने में कई तरह की सावधानियां भी बरती जा रही हैं। यहां पर अलग-अलग सेक्टरों के बीच जंगलनुमा क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, ताकि शहर हरा-भरा रहे।

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नए नोएडा में होगी भरपूर हरियाली

Photo : Times Now Digital

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में एक और नोएडा (Noida) बसाए जाने की योजना है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा (Greater Noida), ग्रेटर नोएडा वेस्ट (Greater Noida West) और जेवर (Jewar) के बाद अब नया नोएडा बनाने की तैयारी जोरों पर है। दादरी (Dadari) और बुलंदशहर (Bulandshahr) की जमीन पर इस नए नोएडा को बसाया जाएगा। नया नोएडा (New Noida) रहने के लिहाज से अच्छा होगा और यहां रहने वाले लोगों को प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचाने के उपाय किए जाएंगे। इसके लिए नए नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों के बीच जंगलनुमा क्षेत्र (City Forest) नजर आएंगे। इस नए आधुनिक शहर में पार्क और खेल के मैदानों के अलावा अलग से ईको सेंसटिव जोन की तर्ज पर सेक्टरों के बीच इसके लिए खाली जमीन छोड़ी जाएगी।

हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार नए नोएडा में अथॉरिटी भारतीय मानक ब्यूरो की तरफ से बनाए गए बिल्डिंग बायलॉज को अपनाएगा। बताया गया कि नए नोएडा को बसाते समय हरियाली से जुड़े बायलॉज को सख्ती से लागू कराया जाएगा। अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए कंक्रीट के बढ़ते उपयोग को रोकना बहुत जरूरी है।

नोएडा का अधिकांश हिस्सा बस चुका है। शहर में कंक्रीट की ऊंची-ऊंची इमारतें बनाई गई हैं, जबकि हरियाली के नाम पर कुछ जगहों पर इक्का-दुक्का पेड़ लगा दिए गए हैं। यहां तक कि नोएडा में हिंडन और यमुना किनारे के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण करके अवैध निर्माण हो रहा है। नए नोएडा में हरियाली ज्यादा होगी और अतिक्रमण पर पूरी तरह से रोक लगेगी।

नए नोएडा में लैंडयूज के हिसाब से आवासीय, औद्योगिक और संस्थागत सेक्टर बनाए जाएंगे। यही नहीं नए नोएडा में यह व्यवस्था भी तय की गई है कि जहां पर लैंडयूज बदलेगा, वहां 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट छोड़नी होगी। इसे इस तरह से समझना चाहिए कि औद्योगिक सेक्टर और आवासीय सेक्टर के बीच 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट होना आवश्यक होगा।

भारतीय मानक ब्यूरो ने नए नोएडा की जरूरत को ध्यान में रखते हुए फुटओवर ब्रिज व स्काईवॉक के लिए भी मानक तय किए हैं। मानकों के अनुसार फुटओवर ब्रिज के दोनों ओर लोगों के आने-जाने के लिए कम से कम 1.80 मी चौड़ा फुटपाथ बनाया जाना चाहिए। FOB की ऊंचाई भी कम से कम 5.50 मीटर होना जरूरी होगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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