Jewar Airport Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौतम बुद्ध नगर के बहुप्रतीक्षित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पहले चरण का भव्य उद्घाटन कर दिया है। 11,200 करोड़ के निवेश से तैयार यह एयरपोर्ट भारत के 'ग्लोबल एविएशन हब' बनने की दिशा में एक विशाल कदम है।
उद्घाटन समारोह और PM मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे जेवर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उन्होंने सबसे पहले टर्मिनल बिल्डिंग का वॉकथ्रू किया और अत्याधुनिक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने औपचारिक रूप से एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए इसे नए भारत की आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर शक्ति का प्रतीक बताया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई मेहमान उपस्थित रहे।
पिछले एक महीने में 4 नए प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह में कहा कि असली उद्घाटन जनता को करना है और उन्होंने लोगों से मोबाइल की लाइट जलाकर इसे प्रतीकात्मक रूप से पूरा करने को कहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर नोएडा को "लूट का एटीएम" बनाने का आरोप लगाया और बताया कि पिछले एक महीने में वेस्ट यूपी को चार बड़े विकास प्रोजेक्ट मिले हैं, ग्रेटर नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट, दिल्ली-Meerut रैपिड ट्रेन, मेरठ मेट्रो और अब जेवर एयरपोर्ट। मोदी ने कहा कि एयरपोर्ट केवल सुविधा नहीं बल्कि प्रगति की उड़ान का प्रतीक है। 2014 से पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 160 से अधिक हो गए हैं, जिससे छोटे शहरों तक भी कनेक्टिविटी पहुंच रही है। उन्होंने वैश्विक संकटों के बीच भारत की मजबूती और नागरिकों की ताकत पर भी जोर दिया।
जेवर एयरपोर्ट की 5 बड़ी खासियतें
सांस्कृतिक और आधुनिक डिजाइन: एयरपोर्ट का आर्किटेक्चर भारतीय विरासत से प्रेरित है। इसकी छत को यमुना, गंगा और हिंडन नदियों की लहरों जैसा आकार दिया गया है। टर्मिनल के भीतर पारंपरिक 'जाली' के काम और लाल पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो उत्तर प्रदेश और राजस्थान की संस्कृति की झलक देता है।
विशाल यात्री क्षमता: फेज-1 में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा। भविष्य में विस्तार के साथ इसकी क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का लक्ष्य है। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में काम करेगा।
दुनिया के लिए तैयार रनवे: एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो दुनिया के सबसे बड़े और चौड़े विमानों (Wide-body aircraft) को उतारने में सक्षम है। आधुनिक नेविगेशन सिस्टम (ILS) की मदद से यहां हर मौसम और चौबीसों घंटे विमानों का संचालन संभव होगा।
लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब: जेवर में 80 एकड़ में फैला एक मल्टी-मोडल कार्गो हब विकसित किया गया है। यह देश के मैन्युफैक्चरिंग हब को सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ेगा। सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग की क्षमता के साथ, यह व्यापार के लिए नए रास्ते खोलेगा।
पर्यावरण अनुकूल 'नेट-जीरो' प्रोजेक्ट: यह भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट है, जिसे 'नेट-जीरो' उत्सर्जन सुविधा के रूप में डिजाइन किया गया है। यहां ऊर्जा की बचत और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का पूरा ध्यान रखा गया है।
