अहमदाबाद: अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से Project G.U.A.R.D.I.A.N. लॉन्च किया है।
G.U.A.R.D.I.A.N. का पूरा नाम Guarding Users And Roads through Discipline, Information, Awareness & Networking है। इस पहल के तहत पुलिस के साथ RTO, NHAI, स्थानीय निकाय, NGO, CSR पार्टनर, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान, उद्योग और नागरिकों को सड़क सुरक्षा के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
28 ब्लैक स्पॉट और 49 ट्रैफिक जाम वाले स्थान चिन्हित
Traffic & Road Safety Action Plan-2026 के तहत अहमदाबाद ग्रामीण क्षेत्र में 28 दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और 49 ट्रैफिक कंजेशन वाले स्थानों की पहचान की गई है। इन स्थानों पर संबंधित एजेंसियों के जरिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े 43 विशेष सुझाव भी भेजे गए हैं।
ट्रक ड्राइवरों से लेकर छात्रों तक जागरूकता अभियान
प्रोजेक्ट के तहत ट्रक और भारी वाहन चालकों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ओवरस्पीडिंग, लेन अनुशासन, हेलमेट, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और जिम्मेदार सड़क व्यवहार जैसे मुद्दों पर जागरूकता दी जाएगी। पेशेवर ड्राइवरों के लिए मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें आंखों की जांच, ब्लड प्रेशर और बेसिक हेल्थ स्क्रीनिंग के साथ थकान, नींद और शारीरिक फिटनेस को लेकर जागरूकता शामिल होगी।10 हजार वर्ग मीटर में बनेगा रोड सेफ्टी सेंटर
अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, वीरमगाम में 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में Centre for Road Safety & Traffic Management विकसित किया जा रहा है। यहां दुर्घटना संबंधी डेटा का विश्लेषण, ट्रेनिंग, रिसर्च, ट्रैफिक स्टडी और डेटा आधारित सड़क सुरक्षा उपायों पर काम किया जाएगा।7 हजार से ज्यादा ऑटो और ईको-वैन डिजिटल टैग
‘अभय यात्री’ पहल के तहत अब तक 7,000 से ज्यादा ऑटो-रिक्शा और ईको-वैन को डिजिटल रूप से टैग किया जा चुका है। इससे वाहनों और ड्राइवरों का वेरिफिकेशन करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हादसों के दौरान तेज होगा रेस्क्यू
आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने के लिए अभिरक्षक, QRT और विशेष वाहनों एवं उपकरणों को तैनात किया जाएगा। इन संसाधनों का इस्तेमाल दुर्घटना के बाद रेस्क्यू, राहत कार्य और ट्रैफिक बहाली में किया जाएगा।
नागरिक भी सीधे दे सकेंगे जानकारी
प्रोजेक्ट के तहत Public Outreach Committee और एक समर्पित WhatsApp सिस्टम बनाया जाएगा। इसके जरिए नागरिक दुर्घटना संभावित स्थानों, खराब सड़क, साइन बोर्ड की कमी, स्ट्रीट लाइट की समस्या और ट्रैफिक जाम वाले स्थानों की जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए एक Monitoring Committee बनाई जाएगी, जो दुर्घटनाओं, मौतों, हेलमेट अनुपालन, जागरूकता अभियानों, ड्राइवर मेडिकल स्क्रीनिंग, 43 अंतर-विभागीय सुझावों की प्रगति, नागरिकों की शिकायतों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की समीक्षा करेगी। अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस के अनुसार, G.U.A.R.D.I.A.N. को किसी शॉर्ट-टर्म अभियान के बजाय लगातार चलने वाले डेटा आधारित और नागरिक-केंद्रित सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के रूप में विकसित किया गया है।
