देश में एक के बाद एक एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, जो दूरियों को समेट रहे हैं। उदाहरण के लिए अभी 29 अप्रैल को शुरू हुए गंगा एक्सप्रेसवे की ही बात करें तो पहले जहां मेरठ से प्रयागराज की दूरी 11-12 घंटे में तय होती थी, अब वही दूरी लगभग 6 घंटे में तय हो सकती है। इसी तरह 14 अप्रैल को शुरू हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों की दूरी 5-6 घंटे से कम होकर ढाई घंटे के करीब रह गई है। तमाम एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर गाड़ियां फर्राटा मार रही हैं, लेकिन रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा आपकी स्पीड पर ब्रेक लगा देते हैं। अब वह समय आ गया है, जब सरकार स्वयं ही इन Toll Plaza को उखाड़ फेंकेगी। चलिए जानते हैं -
सरकार के टोल प्लाजा को उखाड़ फेंकने की बात सुनकर ज्यादा खुश न हों। क्योंकि टोल तो आपको इसके बाद भी देना होगा, बस उसका तरीका बदल जाएगा। स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में बताया कि जल्द ही देश में बेरियर फ्री टोलिंग सिस्टम की शुरुआत होगी।
ब्रेकर की तरह आते हैं टोल प्लाजा
वैसे जब आप दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे सहित देश के तमाम हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा हैं। जब आप इन आधुनिक सड़कों पर फर्राटा मारते हुए आगे बढ़ते हैं तो बीच-बीच में आने वाले टोल प्लाजा किसी ब्रेकर की तरह आते हैं। यह टोल प्लाजा आपकी रफ्तार को रोककर आपकी यात्रा के समय को बढ़ा देते हैं।
टोल प्लाजा पर रुकने से गुस्सा भी बढ़ता है
यही नहीं कई टोल प्लाजा पर तो कभी मशीनी खराबी, नेटवर्क की दिक्कत और कभी इंसानी गलतियों के चलते लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। इसके चलते हाईवे या एक्सप्रेसवे पर तेजी से सफर करने का मजा ही चला जाता है और टोल प्लाजा पर ही आपको 10-15 मिनट और कई बार आधे घंटे तक रुकना पड़ जाता है। ऐसे में टोल चुकाना ठगे जाने जैसा महसूस होता है और साथ में झुंझलाहट भी अलग से होती है।
कब हटेंगे टोल प्लाजा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार इसी साल दिसंबर (Dec 2026) से देश के कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेरियर फ्री टोलिंग की शुरुआत हो जाएगी। टोल की वसूली अब भी FASTag से ही होगी, लेकिन इसके लिए आपको टोल गेट या टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। यानी टोल प्लाजा आपकी रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगा पाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जब आप टोल रोड पर सफर करेंगे तो AI पावर्ड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा और RFID टेक्नोलॉजी के जरिए कार की फोटो खींच ली जाएगी। इसके बाद आपने उस टोल रोड पर जितना सफर किया होगा, उसका आकलन करके आपके FASTag से टोल काट लिया जाएगा।
इस सिस्टम का एकमात्र उद्देश्य यही है कि आपको टोल प्लाजा पर रुकना भी न पड़े और सरकार को टोल से होने वाली कमाई में भी किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
