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Mansoon 2026 : कश्मीर से कन्याकुमारी तक बादलों का अटैक, पूर्वोत्तर में बाढ़ से हाहाकार; आंधी-तूफान, लैंडस्लाइड का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गुजरात में बारिश का रेड अलर्ट, अमरनाथ यात्रा स्थगित और उत्तराखंड में भूस्खलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। उधर पूर्वोत्तर में

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मानसून2026

Mansoon 2026 : देश के बड़े हिस्से पर इस समय मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। आईएमडी ने बताया कि 'डीप डिप्रेशन' के कारण गुजरात के कई जिलों में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहां भारी बारिश का जन-जीवन पर गहरा असर पड़ा है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक मानसून ने हाहाकार मचा रखा है। इधर, जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ और खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है, जबकि उत्तराखंड में भूस्खलन से बद्रीनाथ हाईवे बाधित हो गया है। उधर, कर्नाटक में भारी बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और राजस्थान में भी अति-भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सड़क और सामान्य जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे पूरे देश में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक था। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार के लिए आसमान में मुख्यत: बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पालम में तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम था। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक था। रिज क्षेत्र में यह 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम था, जबकि आयानगर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम था।

शुक्रवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली के अधिकतर मौसम केंद्रों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। रिज क्षेत्र में सबसे अधिक 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद सफदरजंग में 3.3 मिलीमीटर, पालम में 3.0 मिलीमीटर और लोधी रोड पर 1.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, अयानगर में कोई बारिश दर्ज नहीं हुई।

गुजरात में अगले दो दिन भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात में अगले दो दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव के अनुसार, दक्षिण गुजरात, अहमदाबाद, आनंद, खेड़ा, भावनगर और बोटाद समेत कई जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, मछुआरों को तीन दिन तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पहले दिन नर्मदा और सूरत जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Exceptionally Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण गुजरात के सभी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट लागू किया गया है। इसके अलावा अहमदाबाद, आनंद और खेड़ा जिलों में भी अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है। सौराष्ट्र क्षेत्र के भावनगर और बोटाद जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के अन्य अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

दूसरे दिन भी गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। तीसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि चौथे दिन से सातवें दिन तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने गुजरात के पूरे समुद्री तट के लिए अगले तीन दिनों तक मछुआरों को चेतावनी जारी की है। इस दौरान 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दक्षिण गुजरात तट पर स्थानीय सावधानी संकेत (LC-3) भी जारी किया गया है।

अगले तीन दिनों तक पूरे गुजरात तट पर गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश से सटे क्षेत्र में बना गहरा दबाव (Deep Depression) शुक्रवार शाम 5:30 बजे कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। वर्तमान में यह प्रणाली 21.1 डिग्री उत्तर अक्षांश और 78.2 डिग्री पूर्व देशांतर पर, पश्चिमी विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के समीप स्थित है। इसके अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है।

इसके अलावा जैसलमेर से होकर डिप्रेशन के रास्ते बंगाल की खाड़ी तक फैली मानसून ट्रफ, दक्षिण गुजरात से उत्तर केरल तक सक्रिय ऑफ-शोर ट्रफ, उत्तर-पूर्व अरब सागर से दक्षिण गुजरात होते हुए डिप्रेशन तक फैला शियर ज़ोन तथा 71 डिग्री पूर्व देशांतर और 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी गुजरात के मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।

इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने पहले दिन गुजरात क्षेत्र में अत्यधिक भारी बारिश और रेड अलर्ट, सौराष्ट्र-कच्छ में अत्यधिक भारी बारिश के साथ रेड अलर्ट, दूसरे दिन भी गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में रेड अलर्ट तथा तीसरे दिन गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

कर्नाटक में बारिश से स्कूल बंद

मौसम विभाग की ओर से दक्षिण कन्नड़ जिले में भारी बारिश जारी रहने के अनुमान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों औऱ डिप्लोमा कॉलेज में शनिवार को अवकाश घोषित किया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सिफारिशों का हवाला देते हुए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने पूरे जिले में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। यह अवकाश सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और डिप्लोमा कॉलेज पर

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश

जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में शुक्रवार को भारी बारिश से कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। इसी बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। कश्मीर के ज्यादातर इलाकों में रातभर बारिश हुई जो शुक्रवार सुबह तक जारी रही।बडगाम, बारामूला और बांदीपोरा जैसे इलाकों में काफी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण बारामूला और बांदीपोरा जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। उन्होंने बताया कि हालांकि इसमें किसी की जान नहीं गई।

अधिकारियों के मुताबिक, बांदीपोरा जिले के सदरकूट बाला इलाके में भारी बारिश से अचानक बाढ़ आ गई जिससे सड़कों और एक सरकारी स्कूल पर असर पड़ा। गनी मोहल्ला, मालपोरा स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बारिश का गंदा पानी भर गया जिससे कक्षाओं में बिछाई गई दरियां खराब हो गईं और कक्षाएं स्थगित कर दी गईं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है।

अमरनाथ यात्रा स्थगित

खराब मौसम और मार्ग की मरम्मत के काम के कारण बालटाल रास्ते से वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुक्रवार को स्थगित कर दी गयी। उन्होंने बताया कि आवश्यक मरम्मत कार्य के कारण पहलगाम मार्ग से अमरनाथ यात्रा पहले ही स्थगित की जा चुकी है।बृहस्पतिवार रात बालटाल क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जिससे एक स्थान पर अचानक बाढ़ आने की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिकूल मौसम और मार्ग पर चल रहे मरम्मत कार्य को देखते हुए बालटाल मार्ग से किसी भी श्रद्धालु को पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर मरम्मत का काम जारी है। वार्षिक अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से बने हिम शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी।

राजस्थान में मानसूनी बारिश

राजस्थान में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है।

मौसम विभाग ने कोटा, उदयपुर संभाग तथा आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होने का अनुमान है। विशेष रूप से जोधपुर संभाग के दक्षिणी हिस्सों में 31 जुलाई से दो अगस्त के बीच कहीं-कहीं भारी से अतिभारी वर्षा हो सकती है।

उधर, शुक्रवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि बांसवाड़ा जिले में भारी वर्षा हुई। इस अवधि में सबसे अधिक 69 मिलीमीटर वर्षा बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में दर्ज की गई।

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद हो गया है। चमोली जिले में पागल नाला के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से सड़क पूरी तरह बाधित है। इसकी वजह से दर्जनों वाहन बीच रास्ते में फंस गए हैं।

जानकारी के अनुसार रातभर हुई तेज बारिश के बाद पहाड़ी से अचानक मलबा और बोल्डर नीचे आ गए। इससे एनएच-7 पर आवाजाही रोकनी पड़ी। यह 373 किलोमीटर लंबा पहाड़ी मार्ग ऋषिकेश और जोशीमठ को बद्रीनाथ धाम और माणा पास से जोड़ता है। मानसून में यहां अक्सर मलबा आने से रास्ता बंद होता रहता है। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए जरूरी न हो तो यात्रा टाल दें। ड्राइवरों से सुरक्षित जगह पर वाहन खड़ा करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। हर साल मानसून में इस हाईवे पर मलबा और भूस्खलन की समस्या आती है। बीआरओ की टीमें लगातार इसे साफ करती हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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