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Engine Oil बदलने में जरा-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए गाड़ी को कितना हो सकता है नुकसान

Engine Oil Delay Risks: कई बार लोग इंजन ऑयल बदलने में लापरवाही करते हैं और इसे टालते रहते हैं। लेकिन इंजन ऑयल बदलने में देरी गाड़ी को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।

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इंजन ऑयल बदलवाने को लेकर भूलकर भी न करें लापरवाही (AI Generated Image)

Engine Oil Delay Risks: गाड़ी की रेगुलर सर्विसिंग में इंजन ऑयल बदलना भी एक जरूरी काम है, लेकिन बहुत से लोग इसे टालते रहते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि जब तक गाड़ी ठीक तरह से चल रही है, तब तक इंजन ऑयल बदलने की जरूरत नहीं है। हालांकि, इंजन ऑयल केवल इंजन के पार्ट्स को चिकनाई देने का काम नहीं करता, बल्कि यह फ्रिक्शन और गर्मी को कम करने में भी मदद करता है। ऐसे में समय पर ऑयल न बदलने से धीरे-धीरे इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है-

इंजन की परफॉर्मेंस पर पड़ेगा असर

समय के साथ इंजन ऑयल में गंदगी और दूसरे कण जमा होने लगते हैं। लगातार इस्तेमाल के बाद इसकी लुब्रिकेशन क्षमता भी कम हो सकती है। अगर खराब या पुराना ऑयल लंबे समय तक इंजन में चलता रहे तो इंजन के अंदर मौजूद अलग-अलग पार्ट्स के बीच फ्रिक्शन बढ़ सकता है। इसका असर इंजन की स्मूदनेस और परफॉर्मेंस पर देखने को मिल सकता है। कुछ मामलों में इंजन से असामान्य आवाज आने या गाड़ी चलाते समय ज्यादा कंपन महसूस होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

इंजन को रिपेयर करने का बढ़ेगा खर्च

इंजन ऑयल बदलने में ज्यादा देरी का असर इंजन के तापमान पर भी पड़ सकता है। ऑयल इंजन के अंदर बनने वाली गर्मी को कंट्रोल करने में मदद करता है, लेकिन पुराना ऑयल इस काम को बेहतर तरीके से नहीं कर पाता। ज्यादा गर्मी और फ्रिक्शन के कारण इंजन के कुछ जरूरी पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने पर इंजन को रिपेयर करने का खर्च भी बढ़ सकता है।

गाड़ी के माइलेज पर भी पड़ेगा असर

पुराने इंजन ऑयल की वजह से गाड़ी का माइलेज भी प्रभावित हो सकती है। जब इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है तो फ्यूल की खपत बढ़ सकती है। हालांकि, माइलेज में कमी के पीछे कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ इंजन ऑयल को इसका जिम्मेदार नहीं माना जा सकता।

कब बदलना चाहिए इंजन ऑयल

गाड़ी का इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए इसका कोई नियम नहीं है। यह गाड़ी के मॉडल, इंजन, इस्तेमाल, ऑयल के प्रकार और निर्माता की सर्विस गाइडलाइन पर निर्भर करता है। सबसे बढ़िया तरीका यही है कि कार के यूजर मैनुअल में दिए गए अंतराल को ध्यान में रखा जाए। हालांकि, अगर आपकी गाड़ी ट्रैफिक, धूल-मिट्टी या दूसरी कठिन परिस्थितियों से ज्यादा गुजरती है तो समय-समय पर सर्विसिंग और भी जरूरी हो जाती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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