लखनऊ

भारत का 'चीनी केंद्र' उत्तर प्रदेश: जानें किस जिले को कहा जाता है 'Sugar Bowl of India'

उत्तर प्रदेश भारत में 'चीनी का कटोरा' (Sugar Bowl of India) के नाम से जाना जाता है, जिसमें कुल 75 जिले हैं। क्या आप जानते हैं कि राज्य के किस विशेष जिले को यह उपाधि दी गई है, और इसके पीछे का कारण क्या है? दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश में एक नहीं, बल्कि दो ऐसे जिले हैं जो राज्य में सर्वाधिक चीनी उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। आइए, इन प्रमुख चीनी उत्पादक जिलों के बारे में बात करते हैं।

Sugar Bowl of UP

यूपी का चीनी की कटोरा (फोटो - Canva)

Sugar Bowl of UP: उत्तर प्रदेश, जो भारत का चौथा सबसे बड़ा और सर्वाधिक जिलों (75) वाला राज्य है, अपनी विविध पहचान के लिए विश्व भर में विख्यात है। यहां प्रत्येक जिले की अपनी एक अनूठी खासियत है—जैसे बनारस अपने खाने और बनारसी साड़ी के लिए, कानपुर चमड़ा उद्योग के लिए, गोरखपुर गीता प्रेस के लिए, कन्नौज इत्र के लिए, मथुरा पेड़े के लिए और अलीगढ़ तालों के लिए प्रसिद्ध है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में दो ऐसे जिले हैं जिन्हें राज्य का 'चीनी का कटोरा' कहा जाता है। आइए आज उनके बारे में जानते हैं।

उत्तर प्रदेश को कहा जाता है भारत का चीनी का कटोरा

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य को चीनी का कटोरा कहा जाता है, क्योंकि यह गन्ने के उत्पादन में सबसे आगे है। प्रदेश के अधिकांश राज्यों में गन्ने की खेती सबसे अधिक होती है। यही कारण है कि यूपी को देश का चीनी केंद्र कहा जाता है। प्रदेश में कई बड़ी चीनी मिल हैं, जो किसानों का सहारा बनने के साथ रोजगार भी प्रदान करती है। लेकिन सवाल ये नहीं है कि ये नहीं कि देश का किस राज्य को चीनी का कटोरा कहा जाता है, बल्कि सवाल ये है कि यूपी के किस शहर को चीनी का कटोरा कहा जाता है, तो आइए अब आपको उसके बारे में बताएं।

Sugar Bowl of UP
यूपी का चीनी की कटोरा (फोटो - Canva)

भारत में, उत्तर प्रदेश राज्य को 'चीनी का कटोरा' कहे जाने का मुख्य कारण यहां गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गन्ने की सबसे अधिक खेती होती है, जिसके चलते यूपी को देश का 'चीनी केंद्र' भी कहा जाता है। राज्य में मौजूद कई बड़ी चीनी मिलें न केवल किसानों के लिए सहारा बनती हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी प्रदान करती हैं। इस बीच महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यूपी के किस शहर को चीनी का कटोरा कहा जाता है।

यूपी के किन जिलों को चीनी का कटोरा कहा जाता है?

यूपी के 75 में से 2 दो जिले ऐसे हैं, जिन्हें चीनी का कटोरा कहा जाता है, जिसमें मुजफ्फरनगर और लखीमपुर खीरी शामिल है। लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है, क्यों इन दोनों शहरों को चीनी की कटोरा कहा गया?

Sugar Bowl of UP
यूपी का चीनी की कटोरा (फोटो - Canva)

मुजफ्फरनगर चीनी का कटोरा

मुजफ्फरनगर को यूपी का ही नहीं, बल्कि देश का वो जिला है, जिसे चीनी का कटोरा, यानीSugar Bowl of Indiaकहा गया है। बता दें कि जिलों में मुजफ्फरनगर और राज्य में उत्तर प्रदेश है। मुजफ्फरनगर को चीनी का कटोरा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह वही जिला है, जिसमें एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल 'त्रिवेणी चीनी मिल' जिले के खतौली कस्बे में स्थित है। यह मिल चीनी के उच्च उत्पादन क्षमता, विशाल भंडारण अवसंरचना के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा भी यहां कई छोटी-बड़ी चीनी मिल है। गन्ने के उत्पादन के साथ यहां चीनी का भी उत्पादन सबसे अधिक है।

लखीमपुर खीरी चीनी का कटोरा

मुजफ्फरनगर के अतिरिक्त, लखीमपुर खीरी को भी उत्तर प्रदेश का 'चीनी का कटोरा' कहा जाता है। यह जिला चीनी उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, क्योंकि यहां 9 बड़ी चीनी मिल है। इन मिलों में न केवल लखीमपुर का गन्ना, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों से भी बड़ी मात्रा में गन्ना यहां भेजा जाता है, जिससे भारी मात्रा में चीना का उत्पादन किया जाता है। यह एक बड़ी वजह है कि इसे चीनी का कटोरा कहा जाता है। साथ ही आपको बता दें कि अलग-अलग समय पर यूपी के कई जिलों को चीनी का कटोरा कहा गया था। इसमें देवरिया का नाम भी शामिल है, लेकिन समय के साथ यहां चीनी मिल की संख्या में कमी आ गई।

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varsha kushwaha
varsha kushwaha Author

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग... और देखें

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