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15 मौतें, 7 लापता और हजारों बेघर! केरल में लगातार बारिश से मचा हाहाकार, राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

केरल में सक्रिय मानसून के चलते भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। लगातार बिगड़ते हालात के बीच राहत-बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं और कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

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केरल में मानसून का रौद्र रूप

Photo : PTI

Kerala Rain: मानसून के आने के बाद से केरल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़कर कई जगहों पर उफान की स्थिति में पहुंच गया, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों घर जलमग्न हो गए। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं के कारण कई स्थानों पर लोग फंस गए हैं, जबकि सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

Kerala Rain

मौसम के कहर के बीच प्रशासन अलर्ट मोड पर

मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 15

केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने सोमवार को कहा कि राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है तथा जबकि सात लोग अब भी लापता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिए गए हैं। शीर्ष अधिकारियों के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में सतीशन ने कहा कि सोमवार सुबह नौ बजे तक राज्यभर में स्थापित 316 राहत शिविर में 11,018 लोग शरण लिये हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोट्टायम जिले से तीन लोगों की मौत की खबर है, जिनमें पूंजार विधानसभा क्षेत्र के दो लोग और पानी की टंकी में गिरने के कारण डूबने से एक बच्चे की मौत की घटना शामिल हैं। एर्णाकुलम में दो लोगों की मौत हुयी है जबकि इडुक्की और मुवाट्टुपुषा में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। कोल्लम में दो, मलप्पुरम में चार, कन्नूर में एक और कोझिकोड में एक व्यक्ति की मौत हुई है। सतीशन ने बताया कि सात लोग अब भी लापता हैं। इनमें कोल्लम में दो, कन्नूर में दो, मलप्पुरम में एक तथा इडुक्की और मुवाट्टुपुषा में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं।

तीन मौसम केंद्रों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज

वहीं सोमवार को जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार राज्य के तीन मौसम केंद्रों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं अधिकारियों ने दक्षिणी जिले पत्तनमथिट्टा में हालात बिगड़ने की चेतावनी भी दी। IMD के अनुसार, 2 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 3 अगस्त की सुबह 5:30 बजे के बीच दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों से पता चलता है कि पत्तनमथिट्टा के वेंकुरिंजी में सबसे अधिक 104.5 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद इडुक्की के उडुंबन्नूर में 103.0 मिलीमीटर और इडुक्की के चेरुथोनी में 101.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पत्तनमथिट्टा के लाहा में 87.0 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि अलाप्पुझा के थायकाट्टुसेरी में 80.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। एर्नाकुलम में नेरियामंगलम में 75.0 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद पत्तनमथिट्टा के उलानाडु में 74.5 मिलीमीटर बारिश हुई। एर्णाकुलम के मट्टनचेरी में 71.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पत्तनमथिट्टा के रन्नी चेथक्कल में 65.5 मिलीमीटर, कोट्टायम के वदावथूर में 64.0 मिलीमीटर, एर्नाकुलम के पल्लुरुथी में 63.0 मिलीमीटर और त्रिशूर के मुनक्कल में 62.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि, इन सभी स्थानों पर इस अवधि के दौरान 60 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा दर्ज की गई। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण व्यापक बारिश की सूचना है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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