भारत ने ग्लासगो में कम खेलों के बावजूद 39 मेडल लाकर दिखा दिया है कि खेल के क्षेत्र में सरकार का सहयोग हो तो एथलीट वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराने से पीछे नहीं हटते। भारत ने इस बार 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रोंज मेडल सहित कुल 39 मेडल अपनी झोली में डाले और मेडल टैली में चौथे नंबर पर फिनिश किया। मेडल की संख्या इसलिए खास है क्योंकि ये मेडल तब आए हैं जब पिछले एडिशन से 6 खेल इस बार नहीं थे, जिसमें भारत ने मेडल जीता था। शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी और रेसलिंग जैसे खेलों में जहां भारत की मजबूत पकड़ है, उसे इस बार इवेंट में शामिल नहीं किया गया था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन करके दिखाया।
भारतीय दल के इस प्रदर्शन की तारीफ हर कोई कर रहा है। इसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही एक सवाल भी उठा दिया। केजरीवाल के इस सवाल पर देश के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ में सर्वाधिक मेडल की गारंटी भी दे दी।
केजरीवाल ने लिखा 'मैं सभी एथलीटों को शुभकामना देता हूं। हमें आप पर गर्व है। हमें आश्चर्य होता है कि हम क्यों टॉप पर फिनिश नहीं कर पाते हैं?
हालांकि, उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा 'जमीनी स्तर पर सोच-समझकर किए गए निवेश और हमारे खिलाड़ियों के लिए उचित ढांचागत समर्थन चमत्कार कर सकते हैं। यह बेहद निराशाजनक है कि रेसलिंग, शूटिंग कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से हटा लिए गए थे। भारत को इसका पुरजोर तरीके से विरोध करना चाहिए।
सर्वाधिक मेडल की गारंटी
केजरीवाल के इस सवाल पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जवाद देते हुए सबसे ज्यादा मेडल लाने की गारंटी दे दी। उन्होंने केजरीवाल के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा 'केजरीवाल जी, आप एकदम निश्चिंत रहिए, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जब भारत 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा, तो वह सबसे भव्य और ऐतिहासिक होगा। उस दौरान हमारे सभी प्रमुख स्पोर्ट्स भी इसमें शामिल होंगे और हम अपने सर्वाधिक मेडल्स भी जीतेंगे। ये नए भारत की गारंटी है।
2030 में भारत करेगा मेजबानी
आपको बता दें कि कॉमनवेल्थ गेन्स 2026 के समापन समारोह के साथ ही भारत को 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक मेजबानी सौंप दी गई है। 24वां राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में किया जाएगा। यह दूसरा मौका होगा जब भारत इस मल्टीइवेंट की मेजबानी करेगा। इससे पहले साल 2010 में उसने पहली बार इसकी मेजबानी की थी।
