Black out District name: बिजली कर्मचारियों की 72 घंटे की हड़ताल की वजह से कई जिले और शहर ब्लैक आउट का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल की वजह से औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन पर असर पड़ा है। वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया ज्यादा प्रभावित हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का रुख भी कड़ा है। अदालत ने हड़ताली कर्मचारी नेताओं को तलब किया है। सरकार ने कुछ कर्मचारियों की सेवा भी समाप्त की है। बता दें कि करीब एक लाख कर्मचारी हड़ताल पर हैं।ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा वे सख्त लहजे में कहा कि जो लोग विद्युक आपूर्ति में बाधा डलने की कोशिश करेंगे उन्हें खोज निकाला जाएगा और कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कर्मचारी संघ से जुड़े नेताओं के खिलाफ अनमानना का नोटिस भी जारी किया है।
इन जिलों में ज्यादा असर
- वाराणसी
- लखनऊ
- कानपुर
- मेरठ
- आजमगढ़
- मऊ
- बलिया
लोगों ने जताई नाराजगी
सरकार के दावों की सोशल मीडिया पर लानत मलानत हो रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आपने तो 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। आखिर कहां गया वादा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड लोगों के सवालों के जवाब में कह रहा है कि आप लोग परेशान ना हों ,हमें खेद है, जल्द से जल्द समस्या के निस्तारण की कोशिश में जुटे हैं। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में चार हजार मेगावाट बिजली सरप्लस है, बिजली की कमी नहीं है। जो लोग अदालक के आदेश की अवहेलना कर इस तरह की स्थिति बनाने के लिए जिम्मेदार हैं उनसे विधिक तरीके से निपटा जाएगा।
