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गुजरात में लगातार बढ़ रही बब्बर शेरों की आबादी, अब नए ठिकानों पर होगा बसेरा

राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने गुजरात में गिर के जंगल और बब्बर शेरों को लेकर अपने अनुभव को अपनी नई बुक 'कॉल ऑफ़ द गिर' में साझा किया। इस बुक के लॉन्च में उन्होंने बताया कि बब्बर शेरों की संख्या बढ़ने के कारण उन्हें नए ठिकानों पर बसाया जाएगा।

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गुजरात में बढ़ रही बब्बर शेरों की संख्या

Gujrat News: गुजरात में बब्बर शेरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब उन्हें नए ठिकाने पर बसाया जाएगा। बब्बर शेरों के लिए गुजरात में करीबन 9 जोन मे चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां उन्हें बसाया जाएगा। इस बारे में राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने अपनी नई बुक 'कॉल ऑफ़ द गिर' के लॉन्च में बताया।

बब्बर शेरों के लिए छोटे पड़ रहे जंगल

गुजरात में बब्बर शेरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और जंगल छोटे पड़ रहे हैं। यही वजह है कि आए दिन आपको रिहायशी इलाकों में सड़कों पर और शहरों में बब्बर शेर देखने को मिलते हैं। कभी आपको सड़क पार करते हुए बब्बर शेरों का झुंड नज़र आता है तो कई बार पूरे परिवार के साथ सेर पर निकले बब्बर शेर दिखाई देते हैं।

गिर के जंगल और बब्बर शेरों को लेकर साझा किया अनुभव

राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने गुजरात में गिर के जंगल और बब्बर शेरों को लेकर अपने अनुभव को एक किताब में साझा किया है जिसके विमोचन के समय उन्होंने बताया की सरकारी आंकड़ों में भले ही बब्बर शेर 600 से 650 के आसपास हो, लेकिन हकीकत में उनकी संख्या 900 तक पहुंच गई है और अब गिर के अलावा भी सौराष्ट्र के कई इलाकों में बब्बर शेरों की मौजूदगी है। ऐसे में नए 9 जोन उनके लिए चिन्हित किया जा रहे हैं, साथ-साथ बब्बर शेरों को देखने के लिए जिस तरह से पर्यटन बढ़ा है उसके लिहाज में भी किस तरह की अन्य सुविधाएं उपलब्ध की जा सकती हैं उसे लेकर भी विचार किया जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेनों से कट कर बब्बर शेरों की होने वाली मौत को रोकने के लिए भी प्रयास किया जा रहे हैं जो जल्द ही अमल में ले जाएंगे।

Hiten Vithalani
हितेन विठलानीauthor

2011 में ANI मुंबई ब्यूरो में इंटर्न से शुरू हुआ सफर, 2012 में समय मुंबई में ट्रेनी प्रोड्यूसर तक पहुंचा लेकिन मंत्रालय में लगी आग के बाद से रिपोर्टर के तौर पर सफर की शुरुआत हुई। मुंबई से गुजरात चुनाव 2012 के बाद गुजरात के ही संस्था में अहमदाबाद में काम किया। ETV news Gujarati में जहां से 2015 में फिर एक बार मुंबई ब्यूरो गुजराती चैनल के लिए संभालने का मौका मिला । उसके बाद 2016 में गुजराती चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो संभालने का मौका मिला। 1 मई 2017 के दिन Zee media के साथ दिल्ली ब्यूरो में जुड़ा और Zee का गुजराती चैनल जो लॉन्च होना था Zee 24 Kalak जिसके लिए दिल्ली नेशनल ब्यूरो हेड करने का मौका मिला। लॉकडाउन के वक्त दिल्ली में ही रीजनल ब्यूरो से नेशनल ब्यूरो में काम करने का मौका मिला, Zee Hindustan ने काम को देखते हुए अपने साथ जोड़ लिया जिसमे किसान आंदोलन, सिद्धू मूसेवाला मर्डर, पंजाब चुनाव, यूपी चुनाव, बंगाल चुनाव से लेकर गुजरात चुनाव तक कवर किया। उसके बाद गुजरात में जी के साथ अहमदाबाद में बीजेपी और गुजरात सरकार बीट में काम काफी सालों बाद शुरू किया और अब 15 अप्रैल 2024 से Times Now Navbharat गुजरात ब्यूरो में अहमदाबाद में प्रिंसिपल correspondent के तौर पर काम कर रहा हूं।

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