शहर

मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा Ganga Expressway, आज योगी कैबिनेट लगा सकती है मुहर

Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश में आज योगी आदित्यानाथ कैबिनेट की बैठक होगी। इस बैठक में मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे लिंक को मंजूरी मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 150 किमी और बढ़ जाएगी।

Image

हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे! आज योगी कैबिनेट में लग सकती है मुहर

उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे Ganga Expressway पर गाड़ियां फर्राटा मार रही हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रयागराज से पश्चिमी यूपी में मेरठ को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे को लेकर एक और अच्छी खबर आज आ सकती है। आज उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यानथ सरकार इस पर बड़ा फैसला ले सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज होने वाली कैबिनेट मीटिंग में गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।

ज्ञात हो की मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है। एक्सप्रेसवे के विस्तार की घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को इसके उद्घाटन के दौरान की थी।

लगभग साढ़े सात सौ किमी का होगा एक्सप्रेसवे

अगर आज इस पर उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मुहर लगा देती है तो प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार लिंक लगभग 147 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यही नहीं भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तार देने का प्रावधान भी रखा जा सकता है। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 10760 करोड़ रुपये आ सकती है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर लगभग 741 किमी हो जाएगी।

उत्तराखंड में सिर्फ 30 किमी का होगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे के इस प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे का अलाइनमेंट अमरोहा के रिखालू गांव से शुरू होगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे बिजनौर के रास्ते उत्तराखंड में धार्मिक नगरी हरिद्वार तक जाएगा। इस प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे का 117 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और लगभग 30 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा। एक्सप्रेसवे हरिद्वार के नूरपुर पंजनहेड़ी इलाके में निर्माणाधीन बाईपास से जुड़ेगा।

इन इलाकों को मिलेगी कनेक्टिविटी

इस परियोजना से पूरा होने से उत्तर प्रदेश में अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड में हरिद्वार सीधे एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इस रूट में बिजौली, खड़खौदा, मवाना और हस्तिनापुर के आसपास के कई इलाके भी शामिल हो सकते हैं। आगे मुजफ्फरनगर-बिजनौर सीमा और बिजनौर के मंडावर, नांगल सोती व कीरतपुर क्षेत्र से होते हुए यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड बॉर्डर तक पहुंचेगा। हरिद्वार में लक्सर, रुड़की के बाहरी इलाके और बहादराबाद-ज्वालापुर के आसपास के क्षेत्रों को भी इससे कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।

कैबिनेट की मंजूरी से पहले ही भूमि अधिग्रहण और अलाइनमेंट सर्वे से जुड़ी प्रक्रिया यूपीडा और NHAI के स्तर पर अंतिम चरण में बताई जा रही है। मंजूरी के बाद लगभघ 100 गांवों से जुड़ी जमीन का भूमि अधिग्रहण करने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article