उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी और संभावित संकट की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो करीब सात महीने की खपत के लिए पर्याप्त है। साथ ही 15 अक्टूबर से चीनी मिलों के दोबारा शुरू होने और 90 लाख टन उत्पादन की उम्मीद जताई है।
सीएम योगी ने कहा, "आप देख रहे हैं कि चीनी संकट को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है। प्रदेश की एक महीने की कुल खपत चार लाख टन है और हमारे पास 28 लाख टन उपलब्ध है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे पास सात महीने की चीनी उपलब्ध है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चीनी मिलें 15 अक्टूबर से फिर से शुरू होंगी और करीब 90 लाख टन चीनी का उत्पादन करेंगी। उन्होंने कहा, "15 अक्टूबर से हम फिर चीनी मिलें शुरू करेंगे और प्रदेश की मिलों के माध्यम से 90 लाख टन चीनी का उत्पादन करेंगे। उत्तर प्रदेश में इतनी बड़ी क्षमता है।"
देश की जरूरतें पूरी करने में सक्षम यूपी - सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में न केवल अपनी 25 करोड़ आबादी की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है, बल्कि देश की 140 करोड़ आबादी की जरूरतों में भी योगदान देने की क्षमता है। उनके ये बयान कुछ दिन पहले चीनी की कोई कमी न होने और जमाखोरी, कालाबाजारी व आपूर्ति को लेकर भ्रामक सूचनाओं को रोकने के अधिकारियों को दिए गए निर्देश के बाद आए हैं।
खेतों तक पहुंचे कृषि विभाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्राविधिक सहायक और कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मचारी कृषि को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और ’लैब टू लैंड’ दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "अगर खेती की बात करनी है तो किसान के खेत में जाना होगा। यह चर्चा दफ्तरों या सेमिनार हॉल में नहीं, खेत में होगी।" नव नियुक्त प्राविधिक सहायकों और मंडी सचिवों से उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से मिले अवसर का लाभ प्रदेश और देश को दें। उन्होंने नवनियुक्ती कार्मिकों को बधाई दी।
(इनपुट - भाषा)
