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बच्चे होते तो क्या होता? स्कूल की 4 कक्षाओं की फॉल्स सीलिंग भरभराकर गिरी, सिस्टम की लापरवाही पर बड़ा सवाल

Bilaspur News: बिलासपुर के सत्यम चौक स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में तेज बारिश के दौरान चार कमरों की फॉल्स सीलिंग गिर गई। छुट्टी का दिन होने से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्कूल की जर्जर हालत और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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प्रिंसिपल रूम समेत 4 कक्षाओं में गिरी फाल्स सीलिंग

Bilaspur News: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। आए दिन खबरों में उखड़े प्लास्टर, टूटे बेंच, खस्ताहाल शौचालय, शिक्षकों की कमी जैसे तमाम मुद्दे लगातार दिखते रहते हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से स्कूलों के बदहाली के दावों को और पुख्ता करने वाली एक खबर आई है। बिलासपुर स्थित सत्यम चौक के पास बने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल जिसे पहले BR अंबेडकर स्कूल के नाम से जाना जाता था, वहां एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रविवार रात तेज बारिश के दौरान स्कूल भवन की चार कक्षाओं की फॉल्स सीलिंग अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। राहत की बात यह रही कि घटना छुट्टी के दिन, रात के समय हुई।

प्रिंसिपल ऑफिस और कंप्यूटर रूम में भारी नुकसान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण नमी और जर्जर ढांचे की वजह से प्रिंसिपल ऑफिस, कक्षा 6वीं और कंप्यूटर रूम समेत कुल चार कमरों की फॉल्स सीलिंग अचानक ढह गई। सुबह जब घटना की जानकारी सामने आई तो स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। यदि यह घटना स्कूल समय के दौरान हुई होती, तो बच्चों और कर्मचारियों की जान पर भारी जोखिम बन सकता था।

बार-बार शिकायत के बाद भी अनदेखी

घटना के बाद स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों में काफी रोष है। उनका कहना है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को पहले ही कई बार जानकारी दी जा चुकी है। बारिश के दौरान स्कूल परिसर में पानी भरना भी आम समस्या है। शिक्षकों के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस मरम्मत कार्य नहीं कराया गया और हर बार केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया।

प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल

शहर के बीचों-बीच स्थित इस प्रतिष्ठित स्कूल में इस तरह फॉल्स सीलिंग का ढहना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे? यदि समय रहते भवन की मरम्मत और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो स्कूल खुलने पर बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराता रहेगा। फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी चिंता है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर जवाबदेही तय करता है या फिर यह मामला भी पूर्व की भांति केवल आश्वासनों तक ही सिमट कर रह जाता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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