इन दिनों देशभर में मानसूनी बारिश से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। मैदानी इलाकों में शहरों की गलियां पानी से लबालब भरी हैं। बच्चों को स्कूल और बड़ों को दफ्तर के लिए इन्हीं गंदगी और पानी से भरी गलियों से गुजरना पड़ा रहा है। सड़कों पर जलजमाव के कारण भारी ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है। कई जगह दीवारें गिरने की खबरें भी आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों और नदियों के आसपास कटाव के चलते नदियां अपने साथ मकानों को भी बहा ले जा रही हैं। बारिश का दौर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जारी है।
मानसून में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों का नजारा देखने लायक होता है। दिल्ली के पास होने के कारण दिल्ली-NCR के लोग अक्सर वीकेंड पर नैनीताल और आसपास के इलाकों में घूमने निकल जाते हैं। अभी वीकेंड खत्म हुआ है, लेकिन फिर भी अगर आपका नैनीताल जाने का कार्यक्रम है तो फिलहाल उसे टाल दें और घर पर ही रहें। कल यानी रविवार 3 अगस्त को नैनीताल रोड पर गुलाबघाटी के पास लैंडस्लाइड की वजह से दिनभर वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
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अभी नैनीताल की तरफ न जाएं, क्योंकि पहाड़ों में बरसाती नदियां उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए पुलिस ने रात के समय नैनीताल-भवाली रोड पर सफर न करने की अपील की है।
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश को देखते हुए आज यानी सोमवार 4 अगस्त को नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के स्कूलों में बच्चों को छुट्टी दी गई है। भूस्खलन के चलते तराई में मौजूद हल्द्वानी से नैनीताल सहित कुमाऊं क्षेत्र के तमाम इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें बाधित हैं। इससे लोगों को आवाजाही में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
