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नैनीताल जाने का है प्लान तो फिलहाल घर में ही रहें, उफान पर बरसाती नदियां; और भूस्खलन का खतरा

देशभर में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मैदानी इलाकों में जलजमाव की वजह से ट्रैफिक जाम की समस्याएं हो रही हैं। उत्तराखंड में भूस्खलन और नदियों के उफान से नैनीताल सहित कई पहाड़ी शहरों और ग्रामीण इलाकों के लिए जाने वाली सड़कें बाधित हैं। प्रशासन ने रात को पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने से परहेज करने को कहा है।

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नैनीताल में लैंडस्लाइड का खतरा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : Twitter

इन दिनों देशभर में मानसूनी बारिश से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। मैदानी इलाकों में शहरों की गलियां पानी से लबालब भरी हैं। बच्चों को स्कूल और बड़ों को दफ्तर के लिए इन्हीं गंदगी और पानी से भरी गलियों से गुजरना पड़ा रहा है। सड़कों पर जलजमाव के कारण भारी ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है। कई जगह दीवारें गिरने की खबरें भी आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों और नदियों के आसपास कटाव के चलते नदियां अपने साथ मकानों को भी बहा ले जा रही हैं। बारिश का दौर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी जारी है।

मानसून में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों का नजारा देखने लायक होता है। दिल्ली के पास होने के कारण दिल्ली-NCR के लोग अक्सर वीकेंड पर नैनीताल और आसपास के इलाकों में घूमने निकल जाते हैं। अभी वीकेंड खत्म हुआ है, लेकिन फिर भी अगर आपका नैनीताल जाने का कार्यक्रम है तो फिलहाल उसे टाल दें और घर पर ही रहें। कल यानी रविवार 3 अगस्त को नैनीताल रोड पर गुलाबघाटी के पास लैंडस्लाइड की वजह से दिनभर वाहनों की आवाजाही बाधित रही।

अभी नैनीताल की तरफ न जाएं, क्योंकि पहाड़ों में बरसाती नदियां उफान पर हैं। जगह-जगह भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए पुलिस ने रात के समय नैनीताल-भवाली रोड पर सफर न करने की अपील की है।

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में भारी बारिश को देखते हुए आज यानी सोमवार 4 अगस्त को नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ के स्कूलों में बच्चों को छुट्टी दी गई है। भूस्खलन के चलते तराई में मौजूद हल्द्वानी से नैनीताल सहित कुमाऊं क्षेत्र के तमाम इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें बाधित हैं। इससे लोगों को आवाजाही में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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