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NPCI की नई तैयारी: अब आसानी से पोर्ट होंगे आपके UPI ऑटोपे मैंडेट, बदल सकेंगे अपना पेमेंट ऐप

UPI AutoPay Mandate Port: खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों को दोबारा मैंडेट रजिस्टर कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है, जो बेहतर सर्विस, लागत या तकनीकी सुविधाओं के लिए अपना पेमेंट गेटवे बदलना चाहते हैं।

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Global Fintech Fest 2026 में हो सकता है ऐलान/Photo-NPCI

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) UPI AutoPay को लेकर जल्द दो बड़े बदलावों का ऐलान कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में यूजर्स अपने UPI AutoPay मैंडेट को एक डिजिटल पेमेंट ऐप से दूसरे ऐप पर पोर्ट कर सकेंगे यानी पेटीएम के ऑटोपे मैंडेट को गूगलपे पर पोर्ट किया जा सकता है। इसके अलावा कारोबारियों (Merchants) को भी अपने मौजूदा मैंडेट को एक पेमेंट गेटवे से दूसरे पेमेंट गेटवे पर ट्रांसफर करने की सुविधा मिल सकती है। इन बदलावों का ऐलान अगले महीने होने वाले Global Fintech Fest 2026 में किए जाने की उम्मीद है।

Global Fintech Fest 2026 में हो सकता है ऐलान

Mint की रिपोर्ट में मामले से जुड़े चार लोगों के हवाले से बताया गया है कि NPCI UPI के लिए इन नई सुविधाओं की घोषणा Global Fintech Fest 2026 के दौरान कर सकता है। यह कार्यक्रम 8 से 11 सितंबर के बीच मुंबई के Jio World Centre में आयोजित होने वाला है। इस इवेंट में डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक सेक्टर से जुड़े कई अन्य बड़े ऐलान भी देखने को मिल सकते हैं।

PhonePe से Google Pay पर पोर्ट होगा AutoPay मैंडेट

नई सुविधा लागू होने के बाद यूजर्स को किसी दूसरे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए मौजूदा AutoPay मैंडेट को कैंसिल करके दोबारा रजिस्टर कराने की जरूरत नहीं होगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी यूजर का OTT सब्सक्रिप्शन, SIP, इंश्योरेंस प्रीमियम या लोन EMI का AutoPay मैंडेट किसी एक ऐप पर बना हुआ है, तो वह इसे दूसरे डिजिटल पेमेंट ऐप पर पोर्ट कर सकेगा। इससे यूजर्स के लिए PhonePe, Google Pay या दूसरे UPI ऐप्स के बीच स्विच करना आसान हो सकता है। हालांकि, यह सुविधा केवल eligible UPI AutoPay mandates के लिए उपलब्ध होने की बात कही गई है।

बैंक अकाउंट से जुड़ा रहेगा मैंडेट

रिपोर्ट के मुताबिक, मैंडेट को एक ऐप से दूसरे ऐप पर पोर्ट करने के बावजूद वह उसी बैंक अकाउंट से जुड़ा रहेगा, जिसे यूजर ने शुरुआत में पेमेंट के लिए अधिकृत किया था। यानी ऐप बदलने पर भी भुगतान उसी मूल बैंक अकाउंट से डेबिट होता रहेगा। इससे यूजर को नया बैंक अकाउंट लिंक करने या हर सब्सक्रिप्शन के लिए दोबारा अनुमति देने की जरूरत नहीं होगी।

व्यापारियों को भी मिलेगा फायदा

NPCI कथित तौर पर कारोबारियों के लिए भी ऐसी ही सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत व्यापारी अपने मौजूदा UPI AutoPay मैंडेट के लिए पेमेंट की प्रोसेसिंग या execution को एक पेमेंट गेटवे या संबंधित सेवा प्रदाता से दूसरे पर शिफ्ट कर सकेंगे।

खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों को दोबारा मैंडेट रजिस्टर कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है, जो बेहतर सर्विस, लागत या तकनीकी सुविधाओं के लिए अपना पेमेंट गेटवे बदलना चाहते हैं।

लंबे समय से काम कर रहा NPCI

रिपोर्ट के अनुसार, NPCI पिछले कुछ समय से UPI AutoPay के लिए इन interoperability features पर काम कर रहा है। हालांकि, इन सुविधाओं की सटीक कार्यप्रणाली, उपलब्धता और लागू होने की तारीख को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। NPCI की ओर से Global Fintech Fest 2026 में आधिकारिक घोषणा के बाद ही इन बदलावों की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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