कानपुर

बिकरू कांड : नरसंहार के आरोपी 'दलाल' को कोर्ट से झटका, विकास दुबे के साथी को नहीं मिलेगी जमानत

कानपुर के बिकरू नरसंहार मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी शिवम दूबे की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। दो जुलाई, 2020 को हुए बिकरू नरसंहार में गैंगस्टर विकास दूबे ने घात लगाकर पुलिस टीम पर हमला किया था जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

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बिकरू कांड के आरोपी की जमानत याचिका खारिज

कानपुर : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर के बिकरू नरसंहार मामले में आरोपी शिवम दूबे उर्फ दलाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि शिवम ने अपना आपराधिक इतिहास छिपाते हुए एक झूठा हलफनामा दाखिल कर अदालत को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि शिवम ने अपने हलफनामे में कहा है कि उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है, जबकि उसके खिलाफ गैंगस्टर कानून के तहत एक मामला लंबित है और उसे इस मामले में पांच सितंबर, 2023 को सजा हो चुकी है।

न्यूज एजेंसी भाषा के हवाले से जमानत याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार के वकील ने कहा कि इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी याचिकाकर्ता को इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने 21 अगस्त को दिए अपने निर्णय में आरोपी शिवम की जमानत याचिका खारिज कर दी। दो जुलाई, 2020 को हुए बिकरू नरसंहार में गैंगस्टर विकास दूबे ने घात लगाकर पुलिस टीम पर हमला किया था जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

क्या था बिकरू कांड

यह हमला उस समय किया गया था जब पुलिस टीम विकास दूबे को गिरफ्तार करने के लिए कानपुर के बिकरू गांव में उसके मकान पर दबिश देने गई थी। इसके बाद, 10 जुलाई 2020 को विकास दूबे को उज्जैन में गिरफ्तार कर कानपुर लाते समय पुलिस का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पुलिस हिरासत से भागते समय मुठभेड़ में गोली लगाने से उसकी मृत्यु हो गई थी।

बाद में गैंगस्टर विकास दूबे के साथी शिवम दूबे को गिरफ्तार किया गया और इस समय वह जेल में है। आरोप है कि याचिकाकर्ता शिवम दूबे भी विकास दूबे के साथ इस घटना में संलिप्त था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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