Rajasthan Elections 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेता सचिन पायलट के तेवर नरम पड़ते नजर आए हैं। शनिवार (आठ जुलाई, 2023) को उन्होंने ऐसे संकेत दिए कि वह सूबे के सीएम अशोक गहलोत (गांधी परिवार के करीबी भी) के साथ मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खरगे ने उनसे साफ-साफ कहा है कि ‘भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो’...यह बात उनके (पायलट) लिए न सिर्फ एक सुझाव है बल्कि पार्टी अध्यक्ष का निर्देश भी है। खड़गे ने उनसे जो कहा, उस पर वह यकीन करते हैं।
समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ को दिए इंटरव्यू में पायलट ने आगे कहा- गहलोत मुझसे उम्र में बड़े हैं। उन्हें अधिक अनुभव है। उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां हैं। जब मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष था, तो मैंने कोशिश की थी कि सबको साथ लेकर चलूं। मुझे लगता है कि आज वह मुख्यमंत्री हैं, तो यह कोशिश कर रहे हैं कि सबको साथ लेकर चलें। अगर कहीं कुछ थोड़ा आगे-पीछे है तो वो बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पार्टी और जनता किसी व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। यह बात मैं भी समझता हूं और वह भी समझते हैं।
सीएम फेस को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने जवाब दिया, "कांग्रेस दशकों से किसी प्रदेश में किसी एक चेहरे को आगे करके चुनाव नहीं लड़ती आई है। साल 2018 में मैं प्रदेश अध्यक्ष था, पर हम सब मिलकर चुनाव लड़े थे। आगे पार्टी ने जो निर्णय लिया, वो सबके सामने है। हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। चुनाव जीतने के बाद निर्णय लिया जाएगा कि किसको मौका दिया जाए। फिलहाल महत्वपूर्ण यह है कि हमें चुनाव जीतना है।"
"सामूहिक नेतृत्व ही चुनाव में आगे बढ़ने का रास्ता है?"...इस प्रश्न पर उन्होंने दो टूक बताया, "आगे जाने का यही इकलौता रास्ता है। जब मैं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, तो उस वक्त कहा था कि कोई भी व्यक्ति यह दावा नहीं कर सकता कि वह चुनाव जीतने का जादू कर सकता है या कर सकती है, यह हमेशा एक सामूहिक प्रयास होता है। हमारी भूमिका पर फैसला कांग्रेस नेतृत्व को लेना है, मगर सूबे में चुनाव जीतने के लिए जो भी संभव होगा, वह करेंगे।
बकौल पायलट, ‘‘मुझे राजनीति में 20-25 साल हो चुके हैं। मुझे किसी ने कुछ भी कहा हो, पर मेरे जो संस्कार, सोच है...जो मैंने माता-पिता से सीखा है, मैंने किसी के खिलाफ किसी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया, जो मैं खुद के लिए नहीं सुनना नहीं चाहता। शब्द, शब्दावली और टिप्पणियां बहुत सोच समझकर करनी चाहिए। मैंने हमेशा से अपने को सीमा में रखकर काम किया है। मैं बेबाकी से बोलता हूं, मगर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता, जिसका बाद में अफसोस हो।
वैसे, ध्यान देने वाली है कि राजस्थान के पूर्व डिप्टी-सीएम की ये टिप्पणियां ऐसे वक्त पर आई हैं, जब गुरुवार (छह जुलाई, 2023) को खड़गे और राहुल ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें एकजुट होकर आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला हुआ था। मीटिंग के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह संकेत दिया था कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी।
