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Monsoon: इन पांच कारणों से मानसून कर रहा है देरी, जानें आज आपके शहर से कितनी दूर हैं मानसूनी बादल, कब होगी भारी बारिश?

Monsoon 2026: 4 जून को केरल आने के बाद तेलंगाना में मानसून अटका सा है और मध्य भारत में इंतजार हो रहा है। जानिए वो 5 बड़े कारण जिससे देश में 38% कम हुई बारिश और जानें आज मानसून देश में कहां तक पहुंचा है।

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पांच कारणों से मानसून अटका

Photo : Times Now Digital

Monsoon Update: सामान्य तारीख से 3 दिन की देरी से भारत में 4 जून को केरल के रास्ते दाखिल हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून शुरुआती 15 दिनों में तेजी से 19 राज्यों तक तो पहुंच गया, लेकिन पिछले 11 दिनों से यह तेलंगाना और महाराष्ट्र के हरनाई-सोलापुर के पास आकर अटक गया है। 8 जून के बाद से मानसून की रफ्तार में कोई बड़ी प्रगति नहीं देखी गई है। मानसून के इस 'ब्रेक' या ठहराव के कारण उत्तर-मध्य भारत के 7 राज्य इस समय गर्मी और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य से 38% से 41% तक कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे बदतर हालात गुजरात (79% की कमी) और महाराष्ट्र (78% की कमी) में बने हुए हैं।

क्यों थम गई मानसून की रफ्तार? ये हैं 5 सबसे बड़े कारण

मौसम वैज्ञानिकों और IMD के अनुसार, ग्लोबल और लोकल स्तर पर एक साथ 5 अलग-अलग सिस्टम के एक्टिव होने से मानसून की हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं:

कमजोर सोमाली जेट (Somali Jet Stream): इसे 'फाइंडलेटर जेट' भी कहा जाता है। यह हवा का वह झोंका है जो दक्षिणी गोलार्ध से नमी खींचकर भारत के अंदरूनी और उत्तरी हिस्सों की तरफ मानसून को धकेलता है। इस साल यह बेहद कमजोर है।

प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Nino): अमेरिकी एजेंसी NOAA के उपग्रह आंकड़ों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में अल नीनो की परिस्थितियां बन रही हैं, जिससे इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो सका है।

बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर का न होना: मानसून को आगे खींचने के लिए बंगाल की खाड़ी में जिस कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) की जरूरत होती है, वह इस बार गायब है।

कमजोर मानसून और शुष्क हवा: अरब सागर से उठने वाली नमी वाली हवाएं कमजोर हैं और मध्य-वायुमंडलीय स्तरों पर सूखी हवाएं मानसूनी बादलों को आगे बढ़ने से रोक रही हैं।

जेट स्ट्रीम का अड़ंगा: वायुमंडल की ऊपरी परतों (8 से 15 किमी की ऊंचाई) में बहने वाली तेज हवाएं यानी 'जेट स्ट्रीम' का मौजूदा पैटर्न मानसूनी हवाओं को ब्लॉक कर रहा है। इसके कमजोर होने पर ही मानसून आगे बढ़ेगा।

7 राज्यों में पारा 40°C के पार, प्री-मानसून का सहारा

मानसून अटकने से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई शहरों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। उत्तर प्रदेश का बांदा 43.2°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, एमपी और राजस्थान के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून की धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी से तापमान में मामूली गिरावट आई है, लेकिन उमस बरकरार है।

आज देश में कहां है मानसून की सीमा?

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अब तक मानसून केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पूर्वोत्तर के सभी राज्य (असम, मेघालय आदि), सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों को कवर कर चुका है।

मुंबई में मानसून आमतौर पर 11 जून को आता है, लेकिन इस बार इसके 25 जून तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में जून के आखिरी दिनों में मानसून दस्तक देगा।

अगले 48 घंटों में मौसम का हाल

20 जून: बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। बिहार में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। असम, मेघालय और अरुणाचल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

21 जून: सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40-60 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

IMD की लेटेस्ट प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 जून 2026 के आसपास मानसून के दोबारा सक्रिय होकर महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो रही हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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