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देश की पहली रजिस्टर्ड कार का नंबर क्या था, किस शहर में हुआ Registration?

भारत में बिना नंबर प्लेट गाड़ी चलाना गैरकानूनी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की पहली रजिस्टर्ड कार का नंबर क्या था? देश में नंबर प्लेट की शुरुआत कब हुई थी? पहली नंबर प्लेट किस शहर में जारी हुई थी और उसका नंबर क्या था।

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भारत कार के लिए पहली नंबर प्लेट का नंबर क्या था?

आज देश में टाटा मोटर्स से लेकर मारुति-सुजूकी, ह्युंडई, महिंद्रा, टोयोटा, रेनो, फॉक्सवेगन, ऑडी, एमजी, मर्सडीज जैसे कई ब्रांड हैं। कार आप जिस मर्जी ब्रांड की खरीदें, लेकिन बिना नंबर प्लेट के गाड़ी चलाना गैर-कानूनी है। यानी देश में किसी भी ब्रांड की गाड़ी चलाने के लिए नंबर प्लेट यानी रजिस्ट्रेशन प्लेट का होना जरूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की पहली रजिस्टर्ड कार का नंबर क्या था? किस शहर में देश की पहली कार रजिस्टर्ड हुई थी? नहीं जानते तो चलिए जानते हैं।

हालांकि, देश में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनकी गाड़ी पर हमारे और आपकी तरह नंबर प्लेट नहीं होती है। हालांकि, उनकी गाड़ी का भी रजिस्ट्रेशन होता है, लेकिन इसका तरीका अलग होता है। इस श्रेणी में देश के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपाल आते हैं। राष्ट्रपति और राज्यपालों की गाड़ी पर नंबर प्लेट की जगह अशोक स्तंभ लगा होता है। सेना की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन भी अलग तरीके से होता है। हालांकि, सेना की गाड़ी पर नंबर प्लेट लगी होती है।

भारत में नंबर प्लेट का इतिहास

भारत में नंबर प्लेट के इतिहास की बात करें तो इसकी शुरुआत साल 1914 में ब्रिटिश काल में हुई। उस समय ब्रिटिश सरकार भारतीय मोटर वाहन अधिनियम लेकर आई। साल 1939 में इस कानून का प्रारूप स्पष्ट हुआ। देश में साल 1989 में नंबर प्लेट डिजाइन को मानकीकृत किया गया और 2019 में हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) को सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया।

ब्रिटिश काल में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

हालांकि बता दें कि ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय राजाओं और नवाबों की व्यक्तिगत व रॉयल सवारी के लिए कोई फॉर्मल रजिस्ट्रेशन सिस्टम मौजूद नहीं था। ब्रिटिश शासन के दौरान कई रियासतों के वाहनों पर राज्य का नाम या प्रतीक दर्ज होता था, जैसे जयपुर (JP), ग्वालियर (GWL), हैदराबाद (HYD)। साल 1947 में देश के आजाद होने के बाद सभी वाहनों के लिए सामान्य पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया।

भारत की पहली नंबर प्लेट किस शहर में रजिस्टर्ड हुई?

भारत की पहली नंबर प्लेट तब के बॉम्बे शहर (अब मुंबई) में हुई थी। हालांकि, यह पहली गाड़ी किसकी थी, इसको लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि जो पहली गाड़ी रजिस्टर्ड हुई थी, यानी जिसे नंबर प्लेट मिली थी, उसका नंबर 'MH-01' था। यह नंबर किसी ब्रिटिश या भारतीय व्यापारी के नाम पर रजिस्टर्ड हुई थी।

दुनिया में पहली बार गाड़ी में नंबर प्लेट कब और कहां लगाई गई?

दुनिया में गाड़ियों के लिए नंबर प्लेट की व्यवस्था पहली बार फ्रांस से शुरू हुई। गाड़ी के लिए दुनिया की पहली नंबर प्लेट साल 1893 में फ्रांस में लगी। गाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण यह व्यवस्था की गई थी। इसके बाद जल्द ही यूरोप के अन्य देशों में भी गाड़ियों के लिए नंबर प्लेट की व्यवस्था शुरू हो गई। साल 1903 में ब्रिटेन और 1906 में जर्मनी ने गाड़ियों के लिए नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी। फिर 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में अमेरिका के कई राज्यों में भी गाड़ियों के लिए नंबर प्लेट अनिवार्य करने संबंधी कानून बनाए गए।

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Digpal Singh
Digpal Singh author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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