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दिल्ली, ग्रेटर नोएडा में बिना AC, ऐसी-तैसी : देश में बिजली की डिमांड लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड स्तर पर

दिल्ली-एनसीआर सहित देश के ज्यादातर हिस्सों में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के साथ ही पूरे देश में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है।

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देश में बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर

दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों प्रचंड गर्मी और हीटवेव से लोगों का हाल बेहाल है। भीषण गर्मी के चलते पंखे के नीचे बैठने पर भी गर्मी लग रही है और पसीना बह रहा है। ऐसी गर्मी में कूलर की अपनी पूरी ठंडक खो चुके हैं। ऐसी में बैठने पर जरूर कुछ ठंडक मिल रही है। हालात ये हैं कि एसी के बिना यहां लोगों की ऐसी-तैसी हो रही है। यही कारण है कि बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। एसी, फ्रीज, कूलर, पंखा... सभी चीजों के लिए बिजली की जरूरत है। दिल्ली और ग्रेटर नोएडा में बिजली की डिमांग रिकॉर्ड तोड़ रही है। देश में तो लगातार चौथे दिन बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर रही, जबकि ग्रेटर नोएडा में बिजली की मांग 884 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो अब तक की सबसे ज्यादा है।

दिल्ली में बिजली की मांग

भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। कल यानी गुरुवार 21 मई को पूरे दिन प्रचंड गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा। दिल्ली में गुरुवार को बिजली की मांग 8231 मेगावाट तक पहुंच गई। बड़ी बात ये है कि बिजली की यह मांग मई के पहले 21 दिनों में यह बिजली की सर्वाधिक मांग है। जबकि एक दिन पहले ही दिल्ली में बिजली की मांग 8039 मेगावाट थी।

ग्रेटर नोएडा में रिकॉर्डतोड़ इलेक्ट्रिसिटी डिमांग

एनसीआर के प्रमुख शहर ग्रेटर नोएडा में कल यानी गुरुवार 21 मई को बिजली की डिमांड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में बिजली की डिमांग अब तक की सबसे ज्यादा 884 मेगावाट रही। दिल्ली-एनसीआर के अन्य इलाकों की तरह ग्रेटर नोएडा में भी इन दिनों झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।

गुरुवार 21 मई को ग्रेटर नोएडा के शहरी क्षेत्र में बिजली कटौती की शिकायत नहीं मिली, लेकिन ग्रामी इलाकों में बिजली कटौती से लोग काफी परेशान रहे। NPCL के अधिकारियों के अनुसार उत्तर भारत में बड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए अनुमान है कि इस साल ग्रेटर नोएडा में अधिकत्म इलेक्ट्रिसिटी डिमांड 925-940 मेगावाट तक भी पहुंच सकती है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट का हाल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर 16बी में नवनिर्मित सब-स्टेशन से बिजली की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इससे सेक्टर 16, 16बी और इकोटेक-15 सहित आसपास के इलाकों में बिजली की आपूर्ति में सुधार होगा। बता दें कि पिछले साल क्षेत्र में बिजली की अधिकतम मांग 882 मेगावाट थी, जो 12 जून को आई थी। पिछले साल का यह रिकॉर्ड इस साल 18 मई को ही टूट चुका है।

ग्रेटर नोएडा के गांवों में 10 घंटे का पावरकट

इलाके में प्रचंड गर्मी का प्रकोप जारी है और ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण इलाकों में लोगों को 8 से 10 घंटे तक की बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती का असर यहां पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।

ग्रेटर नोएडा में कब बिजली की कितनी डिमांग रही

  • 14 मई - 737.37 मेगावाट
  • 15 मई - 752.21 मेगावाट
  • 16 मई - 745.68 मेगावाट
  • 17 मई - 723.59 मेगावाट
  • 18 मई - 838.15 मेगावाट
  • 19 मई - 852.23 मेगावाट
  • 20 मई - 872 मेगावाट
  • 21 मई - 884 मेगावाट

देश में बिजली की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर

दिल्ली और ग्रेटर नोएडा की बिजली की रिकॉर्ड डिमांड तो आपने जान ली। देश में भी बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। कल गुरुवार 21 मई को बिजली की डिमांड लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड स्तर पर रही। गुरुवार को देश में बिजली की मांग 270.82 गीगावाट ही, जबकि इससे पहले बुधवार को बिजली की मांग रिकॉर्ड 265.44 गीगावाट रही।

बिजली मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। इस पोस्ट में लिखा गया, 'गुरुवार लगातार चौथा दिन था, जब पीक डिमांड एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई।'

चार साल में बिजली की टॉप डिमांड

  • 21 मई 2026 - 270.82 गीगावाट
  • जून 2025 - 242.77 गीगावाट
  • मई 2024 - 250 गीगावाट
  • सितंबर 2023 - 243.27 गीगावाट
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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