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Monsoon अब सिर्फ 4 दिन दूर, यहां हो रही मूसलाधार बारिश से मिल रहे शुभ संकेत

Monsoon सिर्फ चार दिन बाद भारत में एंट्री लेने वाला है। इससे पहले यह अपनी धमक दिखाने लगा है। जबकि Heatwave से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के लोग बड़ी ही बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

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प्रचंड गर्मी और हीटवेव के बीच मानसून को लेकर आई खुशखबरी
Authored by: Digpal Singh
Updated May 22, 2026, 13:16 IST
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Monsoon Countdown: देश के तमाम हिस्सों में इन दिनों प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। खासतौर पर उत्तर, उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों के साथ ही पश्चिमी भारत में भीषण गर्मी और Heatwave से लोग परेशान हैं। दिन के समय तेज धूप जलाने को आतुर है। दोपहर के समय बाहर निकलने पर ऐसा महसूस होता है जैसे आसमान से आग बरस रही हो। सूरज छिपने के घंटों बाद देर रात को भी धरती तपी हुई रहती है और गर्मी से रात में सोना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सभी की नजरें आसमान की ओर हैं कि कहीं से कोई बादल आता दिख जाए। तो आपकी मनोकामना अब पूरी होने वाली है, क्योंकि अब मानसून सिर्फ 4 दिन दूर है। चलिए जानते हैं -

यहां अगले कुछ घंटों में बहुत भारी बारिश

जैसी गर्मी पड़ रही है, उसे देखते हुए अच्छे मानसून की उम्मीद है। साथ ही लोग उम्मीद कर रहे हैं कि मानसूनी हवाएं जल्दी आ जाएं तो कुछ राहत मिले। वैसे तो भारत में मानसून के आने की तय तिथि 1 जून है, लेकिन इस बार मानसून ने आपकी सुन ली है और वह 26 मई को ही भारत में दस्तक दे देगा। हमारे पड़ोसी देश श्रीलंका में मानसूनी बारिश शुरू हो चुकी है। श्रीलंका में इन दिनों बादल जमकर बरस रहे हैं। मूसलाधार बारिश से यहां की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। मानसून पूरे श्रीलंका के ऊपर छा गया है और मौसम विभाग के अनुसार आज अगले कुछ घंटों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

200 MM तक बहुत भारी बारिश की आशंका

श्रीलंका के मौसम विभाग के अनुसार आज यानी शुक्रवार 22 मई को आज बारिश के साथ ही थंडरस्टॉर्म की भी चेतावनी दी गई है। श्रीलंका के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों और गाले, मटारा, कैंडी और नुवारा-एलिया जिलों में जमकर बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम, सबरंगमुआ और उत्तरी राज्यों में कुछ जगहों पर 200 एमएम तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। यही नहीं गाले, मटारा, कैंडी और नुवारा-एलिया जिलों में 100 मिली मीटर तक की भारी बारिश हो सकती है।

50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

इसके अलावा पश्चिमी पहाड़ी इलाकों में 35-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 50-60 किमी तक भी पहुंच सकती है। इस दौरान लोगों के अपील की गई है कि वह नुकसान से बचने के लिए सभी जरूरी उपाय अपनाएं। समुद्र में 2-3 मीटर तक की लहरें भी उठ सकती हैं।

44-46-48 डिग्री के तापमान में झुलसा उत्तर भारत

श्रीलंका में जिस तरह से मानसूनी बादल बरस रहे हैं, उसकी खबर पढ़ और सुनकर उत्तर प्रदेश में भी उम्मीद जग रही है। जबकि उत्तर भारत में फिर चाहे वह उत्तर प्रदेश हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा या दिल्ली हर जगह प्रचंड गर्मी और हीटवेव से हाल बेहाल हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा में तो बुधवार को पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिल्ली में भी लोग 44 डिग्री की गर्मी में झुलस रहे हैं। राजस्थान के बाड़मेर में पारा 46 डिग्री को पार कर चुका है।

नीचे दी गई तस्वीर में देखें कल यानी गुरुवार 21 मई को देश का हीटमैप कैसा रहा? कहां कितनी गर्मी रही और देश का सबसे गर्म शहर कौन सा रहा? वहां का तापमान कितना रहा?

Heatwave map

Heatwave map

देश में 70 फीसद बारिश सिर्फ मानसून में होती है

जब इतनी ज्यादा गर्मी पड़ रही हो और सूर्य भगवान जलाने को आतुर हों तो एक ही प्रश्न हर दिल से निकलता है। बारिश कब होगी? वैसे इस प्रश्न का उत्तर हम ऊपर पहले ही बता चुके हैं कि भारत में 26 मई को मानसून दस्तक देने जा रहा है। 26 मई को केरल तट पर मानसूनी हवाएं पहुंचेंगी और फिर दक्षिण के राज्यों को भिगोते हुए मानसून पूर्वी और उत्तरी भारत की ओर बढ़ेगा। यह भी जान लें कि भारत में सालभर में जितनी बारिश होती है, उसका 70 फीसद बारिश सिर्फ मानसून के मौसम में ही हो जाती है।

दिल्ली कब पहुंचेगा मानसून, कब होगी बारिश?

मानसून के केरल तट पर पहुंचने के साथ ही राहत महसूस होने लगती है। फिर हफ्ते-दर-हफ्ते यह सफर करता हुआ 27-29 जून के बीच दिल्ली पहुंचता है। सब कुछ ठीक रहा तो जून के अंत में दिल्ली-एनसीआर के इलाके भी बारिश से सराबोर हो जाएंगे, जहां अभी झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है।

इस साल मानसून में कितनी बारिश होगी?

मानसून समय से पहले आ रहा है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि पूरे देश में समय से पहले पहुंचेगा और ज्यादा बारिश होगी। यह सब कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है। कहां कितनी बारिश होगी यह भी पहले से स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। हवाओं के रुख, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में वायुमंडलीय दबाव व पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून रास्ते में अटक सकता है, बारिश कम हो सकती है। वैसे भी भारत मौसम विभाग (IMD) ने इस साल मानसून के सीजन में होने वाली बारिश का 92-94 फीसद तक बारिश होने का अनुमान जताया है। जुलाई-अगस्त में अल-नीनो इफेक्ट के कारण इस साल गर्मी का सितम और ज्यादा बढ़ सकता है।

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