संजय सिंह की “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा का बुधवार को गाजियाबाद के अंबेडकर पार्क में समापन हो गया। 16 मई को मेरठ से शुरू हुई इस पांच दिवसीय यात्रा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में युवाओं, किसानों, कर्मचारियों और महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली। यात्रा के समापन पर आयोजित सभा में रोजगार, सामाजिक न्याय और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता प्रमुख मुद्दे रहे।
पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने गांवों और कस्बों में लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से परेशान है, जबकि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य और सम्मान पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और आम लोगों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है।
यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र, आशा कार्यकर्ता, छोटे व्यापारी और छात्र भी शामिल हुए। कई स्थानों पर युवाओं ने हाथों में डिग्रियां और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने, रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
पदयात्रा के दौरान आम आदमी पार्टी के दिल्ली और पंजाब मॉडल की भी चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर किए गए कामों को लेकर जनता में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वहीं, विपक्षी दलों पर जनता से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस पदयात्रा के जरिए आम आदमी पार्टी ने युवाओं और किसानों के मुद्दों को केंद्र में लाने की कोशिश की है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसे पार्टी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। गाजियाबाद में यात्रा के समापन के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि यह यात्रा प्रदेश में बदलाव की नई शुरुआत है और आने वाले समय में रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
