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भगदड़ की आंखोंदेखी : 'सत्संग खत्म हो चुका था, छोटे गेट से बाहर निकलने की जल्दबाजी में मची भगदड़'

हाथरस में मची भगदड़ में 116 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। इस हादसे में 18 से ज्यादा लोग घायल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छोटे से गेट से निकलने की जल्दबाजी में यह भगदड़ मची।

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हाथरस में भगदड़

Photo : PTI

Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में मची भगदड़ में 116 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, यह हादसा जितना बड़ा है उसे देखते हुए माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। अभी तक 116 मौत की हुई है। इसके अलावा 18 लोगों के घायल होने की बात भी सामने आ रही है।

एक सत्संग में मची भगदड़ को लेकर हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? सत्संग जैसे कार्यक्रम में इतनी बड़ी भगदड़ कैसे मच गई?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहां सत्संग समाप्त हो चुका था। लोग सत्संग से बाहर निकल रहे थे। वहां बाहर निकलने का गेट बहुत छोटा था, पतले गेट से बाहर निकलने के चक्कर में वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग एक-दूसरे पर गिर गए।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सत्संग खत्म होने के बाद भोले बाबा का काफिला वहां से निकला। इस दौरान सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को वहीं रोक दिया। बाबा का काफिला निकल जाने के बाद भीड़ को अचानक छोड़ दिया गया। धक्का-मुक्की में लोग एक के ऊपर एक गिरने लगे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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