Hathras Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग में मची भगदड़ में 116 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 18 लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। हादसा कितना भयावह था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल के बाहर जमीन पर शव बिखरे पड़े हैं। मारे जाने वाले और घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सीएमओ उमेश त्रिपाठी ने इस दुर्घटना की पुष्टि की है।
इससे पहले एटा के SSP राजेश कुमार सिंह ने भी 27 लोगों की मौत की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया था कि मृतकों में 23 महिलाओं के साथ ही 3 बच्चों और 1 पुरुष भी शामिल है। भगदड़ की जानकारी मिलते ही डीएम सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
खबर है कि भगदड़ एक प्रवचन के दौरान मची। इस भगदड़ में सैकड़ों लोग बेहोश हो गए हैं। घटना हाथरस के फुलराई गांव में हुई। बताया जा रहा है कि आयोजकों ने इस कार्यक्रम के लिए अनुमति जरूर ली थी। लेकिन जितने लोगों की संख्या बताई गई थी, उससे कहीं ज्यादा लोग सत्संग में पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि सत्संग में 20 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए थे।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
भगदड़ के बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इससे पहले एटा के जिला अस्पताल के सीएमओ ने 27 लोगों के शव अस्पताल में लाए जाने की पुष्टि की थी। इन 27 शवों में से 25 शव महिलाओं के बताए जा रहे हैं।
इस दुर्घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दफ्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री का संदेश पोस्ट किया है। इसमें मुख्यमंत्री ने हाथरस में हुए हादसे में मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्त होने की कामना की है। उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं।
खबर है कि हाथरस में भोलेबाबा का प्रवचन चल रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर अफवाह की वजह से यह भगदड़ मचने की बात सामने आ रही है। सिक्योरिटी के लोगों ने श्रद्धालुओं को वहीं रोक दिया, जिसके कारण श्रद्धालु वहीं अटक गए और भीषण गर्मी की वजह से कई श्रद्धालु बेहोश हो गए। देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सत्संग समाप्त हो चुका था। बहुत से लोग एक साथ छोटे से गेट से बाहर निकल रहे थे। पतले गेट से बाहर निकलने के चक्कर में वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग एक-दूसरे पर गिर गए। हादसे में घायलों की संख्या काफी ज्यादा है, जिसके कारण सरकारी अस्पताल फुल हो चुके हैं और प्राइवेट अस्पतालों को बेड रिजर्व रखने को कहा गया है। कुछ घायलों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
