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हरिद्वार में 4 महीने की मासूम का 3 लाख में तय किया सौदा; तंत्र-मंत्र करने वाला बाबा निकला मास्टरमाइंड; तीन गिरफ्तार

हरिद्वार की हरकी पैड़ी से अगवा हुई 4 महीने की मासूम बच्ची को पुलिस ने 10 दिन की मशक्कत के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। 3 लाख रुपये के लालच में लड़का समझकर लड़की चोरी करने वाले तांत्रिक बाबा और इटावा के एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है।

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तीन आरोपी हिरासत में

Photo : Times Now Digital

Haridwar News: उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार के हरकी पैड़ी क्षेत्र से अगवा की गई चार महीने की मासूम बच्ची को हरिद्वार पुलिस ने 10 दिनों की कड़ी मशक्कत और बैक-टू-बैक ऑपरेशन्स के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक तांत्रिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पूरी साजिश 3 लाख रुपये के लालच में एक नवजात लड़के को बेचने के लिए रची गई थी, लेकिन आरोपियों ने गलती से लड़की का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने हरिद्वार से लेकर हावड़ा तक के रूट्स खंगालकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया है।

गंगा स्नान करने आए इटावा के दंपति की गोद हुई थी सूनी

पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के इटावा से एक परिवार गंगा स्नान और दर्शन के लिए हरिद्वार आया था। 27 मई की रात को यह परिवार रोडीबेलवाला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत विष्णु घाट के पास एक पेड़ के नीचे सो रहा था। जब उनकी आंख खुली, तो उनकी चार महीने की बच्ची गायब थी। 28 मई की सुबह पीड़ित माता-पिता ने रोडीबेलवाला पुलिस को बेटी के लापता होने की तहरीर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SSP नवनीत सिंह ने तुरंत मुकदमे की कमान खुद संभाली और आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया।

हरिद्वार से हावड़ा तक की कड़ियां, CCTV से मिला सुराग

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और घाटों के आसपास लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और लोकल इनपुट के आधार पर पुलिस को एक संदिग्ध दंपति बच्ची को ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हरिद्वार से धामपुर (बिजनौर) और फिर वहां से ट्रेन के जरिए हावड़ा (पश्चिम बंगाल) तक के संभावित रूट और सफर की कड़ियां जोड़ीं। हालांकि, लंबी पड़ताल और हावड़ा तक छापेमारी के बावजूद शुरुआत में सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने अपना फोकस बदला और संदिग्धों के हरिद्वार के स्थानीय ठिकानों की जांच की। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी कहीं दूर भागने के बजाय हरिद्वार में ही झोपड़ी में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए चिह्नित झोपड़ी पर दबिश दी और मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

लड़का समझकर उठाया, 3 लाख रुपये में होना था सौदा

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। मास्टरमाइंड बाबा सतपाल ने एक महिला के जरिए एक अन्य निःसंतान दंपति को बेटा दिलाने का सौदा 3 लाख रुपये में तय किया था। इसी भारी-भरकम रकम के लालच में बच्चा चोरी की स्क्रिप्ट लिखी गई। 27 मई की रात को आरोपी विष्णु घाट पहुंचे। वहां अंधेरे का फायदा उठाकर उन्होंने सो रहे परिवार के बीच से बच्ची को उठा लिया।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में बच्चा चोरी और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर झाड़-फूंक करने वाला बाबा और मुख्य साजिशकर्ता सतपाल पुत्र विजय सिंह निवासी सैदाबाद, लक्सर, हरिद्वार, लाल बहादुर पुत्र कन्हैया लाल निवासी जसवंतनगर, इटावा, उत्तर प्रदेश, और प्रीति रानी पत्नी लाल बहादुर को जेल भेज दिया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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