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दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, जानें कहां तक पहुंचा काम? बिहार को मिलेंगे ये बड़े फायदे

दिल्ली-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। NHSRCL ने 865 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर की DPR रेल मंत्रालय को सौंप दी है। इसके साथ परियोजना अगले चरण में पहुंच गई है।

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दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार (सांकेतिक फोटो)

Delhi Patna Bullet Train Project: देश की सबसे महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में शुमार दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) कॉरिडोर को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने 865 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार कर इसे रेल मंत्रालय को सौंप दी है। रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ ही इस मेगा प्रोजेक्ट के काम ने तेज रफ्तार पकड़ ली है।

कहां तक पहुंचा बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम?

DPR सौंपे जाने के बाद परियोजना को जमीन पर उतारने से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।NHSRCL ने परियोजना के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए NHSRCL ने 7 सितंबर 2026 को अधिसूचनाएं जारी की थीं। इसके तहत प्रतिनियुक्ति के आधार पर भारतीय रेलवे से तीन OSD (विशेष कार्य अधिकारी) और तीन AGM (अपर महाप्रबंधक) स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख केंद्रों पर तैनात रहकर जमीन अधिग्रहण, तकनीकी सर्वेक्षण और निर्माण कार्यों का जिम्मा संभालेंगे। नियुक्ति प्रक्रिया अगले 30 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।

बिहार के लिए क्यों अहम है यह परियोजना?

दिल्ली से बिहार और आगे पूर्वी भारत तक तेज रेल कनेक्टिविटी मिलने से सबसे बड़ा लाभ यात्रा के समय में कमी के रूप में देखने को मिल सकता है। दिल्ली और पटना के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होने पर दोनों शहरों के बीच आने-जाने में मौजूदा रेल यात्रा की तुलना में काफी कम समय लगेगा। बिहार के बक्सर, आरा और पटना जैसे शहरों को इस कॉरिडोर से जुड़ने का लाभ मिल सकता है। इससे इन शहरों की दिल्ली और देश के दूसरे बड़े आर्थिक केंद्रों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी। पटना के अलावा रूट में आने वाले इलाकों के लिए भी हाई-स्पीड रेल बेहतर कारोबारी और रोजगार के अवसर पैदा कर सकती है। तेज कनेक्टिविटी से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।

पूर्वी भारत और नॉर्थ-ईस्ट तक आसान होगी पहुंच

यह कॉरिडोर सिर्फ बिहार और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रस्तावित लाइन पटना से आगे बढ़कर सिलीगुड़ी तक जाएगी। इससे बिहार पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण रेल कड़ी बन सकता है।इस पूरे कॉरिडोर के जरिए केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर (North-East) राज्यों तक निर्बाध पहुंच और कनेक्टिविटी का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि पूर्वी भारत के विकास में यह परियोजना एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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