देश

UCC पर JDU नहीं मोदी सरकार के साथ! बिहार डिप्टी सीएम ने दिया टेंशन बढ़ाने वाला बयान, सांसद ने खुलकर किया विरोध

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि UCC बिल में क्या प्रोविजन हैं, ये अभी सार्वजानिक नहीं हुआ है, प्रावधानों का अध्ययन होगा। प्रावधानों को देखने के बाद सीधे गृह मंत्री जी से चर्चा होगी।

Image

UCC पर विजय कुमार चौधरी ने क्या-क्या कहा

Photo : ANI

JDU on UCC: समान नागरिक संहिता पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान और उनकी सक्रियता के बाद यूसीसी बिल (UCC) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसे लेकर बीजेपी की सहयोगी पार्टी जनता दल यू ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने इस पर और मंथन करने की बात कही है। विजय चौधरी ने कहा कि इसमें अभी क्या प्रावधान किए जा रहे हैं, यह सार्वजिनक नहीं है। यूसीसी किस रूप में आएगा पहले उसके प्रावधान का अध्ययन होगा। हमारे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बता दिया है कि प्रावधान को देखने के बाद अमित शाह से चर्चा होगी। उसके बाद हमारी पार्टी बैठेगी, फिर फैसला होगा।

UCC बिल में प्रावधानों का अध्ययन होगा, बोले चौधरी

उन्होंने कहा कि UCC बिल में क्या प्रोविजन हैं, ये अभी सार्वजानिक नहीं हुआ है, प्रावधानों का अध्ययन होगा। प्रावधानों को देखने के बाद सीधे गृह मंत्री जी से चर्चा होगी। पार्टी में विमर्श होगा और तब निर्णय लिया जाएगा। कोई परेशानी या चिंता होगी तो गृह मंत्री से बात करेंगे। हमने सब बता दिया है। अभी स्टैंड कैसे लेंगे, प्रावधान आने दीजिये तब बात होगी। साथ ही एक सवाल के जवाब में कहा कि आरजेडी क्या चाहती है उससे हमलोग को क्या मतलब है।

जदयू विधायक और सांसद भी उखड़े

वहीं, बिहार विधानसभा में जदयू विधायक दल के नेता सह सूचना जसनसम्पर्क एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने यूजीसी कानून पर साफ लहजे में कहा कि जो हमारे प्रवक्ता का बयान है, वही हमारा भी स्टैंड है। वहीं, नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने दो टूक कहा कि अमित शाह को जो कहना वो कहें, मगर बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा, केंद्र में हम साथ हैं, मगर बिहार में जदयू का अपना अलग स्टैंड है।

मनोज झा का भागवत और सरकार पर निशाना

उधर, UCC पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा, अभी मोहन भागवत जी विदेश दौरे पर थे। वो अमेरिका या इंग्लैंड में बोल रहे थे कि एकता के लिए एकरूपता की जरूरत नहीं है। यह शायद अमित शाह जी ने भी देखा होगा। संविधान सभा में अनुच्छेद 44 जो बाद में तब्दील हुआ, उस पर हुई बहस से भी अमित शाह जी वाकिफ होंगे। वो विधि आयोग की रिपोर्ट के बारे में भी जानते होंगे। मगर मूल बात यह है कि ये रोजगार नहीं दे सकते हैं... आय की असमानता को दूर नहीं सकते हैं, तो इनके लिए यही है कि UCC ले लो। बच्चे रोजगार मांगे तो UCC, ईमानदार परीक्षा व्यवस्था हो तो UCC, इनके लिए यही महत्वपूर्ण है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article