Hapur: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के छिपीवाड़ा इलाके में स्थित जाकिर हुसैन अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के बाद सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह से सील कर दिया।
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इमरजेंसी में बन सकता था 'डेथ ट्रैप'
प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमारत में एक बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच में पाया गया कि अस्पताल का कमर्शियल हिस्सा और आवासीय परिसर में आने-जाने का रास्ता बिल्कुल एक ही है। यह मार्ग बेहद संकरा है, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति जैसे आग लगना या भगदड़ में मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिहाज से बेहद खतरनाक है। अधिकारियों ने इस व्यवस्था को सुरक्षा मानकों और बिल्डिंग बायलॉज के बिल्कुल विपरीत पाया। संकरा रास्ता होने के कारण एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों का घटना स्थल तक पहुंचना भी नामुमकिन था, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा था।
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डिप्टी CMO की कड़ी चेतावनी
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद डिप्टी CMO ने अस्पताल प्रबंधन और संचालक को कड़ी फटकार लगाई। प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए अस्पताल प्रबंधन को वैकल्पिक सुरक्षित रास्ता तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। डिप्टी सीएमओ ने साफ लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सात दिन के भीतर सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो अस्पताल के बाकी हिस्से को भी सील कर दिया जाएगा।
