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'मैं सैलरी नहीं लेता, कोई धन्यवाद भी नहीं देता...!' ट्रंप की शिकायत, जानिए राष्ट्रपति पद की कितनी रकम छोड़ रहे हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह राष्ट्रपति पद की सैलरी नहीं लेते और इसके लिए उन्हें कोई धन्यवाद भी नहीं देता। जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति की सालाना सैलरी कितनी है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रेसिडेंशियल सैलरी दान करने के बावजूद पहचान न मिलने पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि उनके इस त्याग की कोई सराहना नहीं करता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिकायत की है कि प्रेसिडेंशियल सैलरी न लेने के बावजूद उन्हें कोई खास पहचान या सराहना नहीं मिलती; कोई भी उन्हें पैसे छोड़ने के लिए धन्यवाद नहीं देता। ट्रंप ने कहा, 'मैं अपनी सैलरी नहीं लेता। क्या मुझे इसके लिए धन्यवाद मिलता है? बिल्कुल नहीं।' उन्होंने आगे कहा, 'कोई नहीं कहता, 'बहुत-बहुत धन्यवाद, सर...'

ट्रंप की इन बातों ने राष्ट्रपति पद से जुड़ी सैलरी के बारे में उनके फैसले की ओर फिर से ध्यान खींचा है। अमेरिकी कानून के तहत, राष्ट्रपति को सालाना $400,000 की सैलरी मिलती है (जो हर महीने दी जाती है), साथ ही आधिकारिक कामों के लिए $50,000 का अलग से खर्च भत्ता भी मिलता है। $400,000 की यह रकम 2001 से तय है।

ट्रंप ने अपनी प्रेसिडेंशियल सैलरी दान करने का वादा किया था

अपने पहले कार्यकाल (2017 से 2021) के दौरान, ट्रंप ने अपनी प्रेसिडेंशियल सैलरी दान करने का वादा किया था। उनके व्हाइट हाउस ने कई सरकारी एजेंसियों को हर तिमाही में भुगतान करने की घोषणा की थी, जिनमें नेशनल पार्क सर्विस, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज, डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन और डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी शामिल थीं। इनमें से कई भुगतानों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों ने स्वतंत्र रूप से की थी। उदाहरण के लिए, ट्रंप ने 2019 और 2020 की कई तिमाहियों में $100,000 का दान दिया था। इसमें ओपिओइड संकट, कोरोनावायरस से निपटने और राष्ट्रीय स्मारकों के जीर्णोद्धार जैसे कामों के लिए दी गई रकम शामिल थी।

ट्रंप जनवरी 2025 में दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस लौटे

हालांकि, इसमें एक जरूरी बात ध्यान देने वाली है। सार्वजनिक रिकॉर्ड से पूरी तरह पक्के तौर पर यह साबित नहीं होता कि उनके पहले कार्यकाल के दौरान उनकी सैलरी का हर एक डॉलर दान किया गया था। 'द वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का आखिरी सार्वजनिक रूप से दर्ज सैलरी दान जुलाई 2020 में हुआ था, जिससे उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के आखिरी महीनों में किए गए भुगतानों को लेकर सवाल उठते हैं। ट्रंप जनवरी 2025 में दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस लौटे। अगस्त 2025 में, उन्होंने घोषणा की कि नए कार्यकाल की उनकी पहली राष्ट्रपति वेतन-राशि व्हाइट हाउस हिस्टोरिकल एसोसिएशन को नवीनीकरण और संरक्षण कार्यों के लिए दान कर दी गई है।

'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Fake News जैसा है'

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नकली खबरों (fake news) जैसा है... 'फेक न्यूज़' मेरा एक बहुत मशहूर शब्द है, लेकिन अब मैं उन्हें (मीडिया को) 'आर्टिफिशियल न्यूज़' कहूंगा... इसीलिए SI, यानी सुपर इंटेलिजेंस-जैसा कि कहा जा रहा है-इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन से भी बड़ी चीज़ है, इंटरनेट से कहीं ज़्यादा बड़ी, जिसकी तुलना ही नहीं की जा सकती'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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