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Gurugram Metro: गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोंडसी तक दौड़ेगी मेट्रो; बदले रूट से इन सेक्टर्स की चमकी किस्मत, देखें 17 स्टेशनों की लिस्ट

Gurugram Metro: गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोंडसी तक दौड़ने वाली नई मेट्रो लाइन के रूट में बड़ा बदलाव। अब हाईवे के बजाय इन रिहायशी सेक्टर्स से गुजरेगी ट्रेन। देखें सभी 17 स्टेशनों की पूरी लिस्ट।

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RITES ने तैयार किया गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से भोंडसी तक 20 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर (चित्र साभार: HMRTC)

Gurugram Metro: दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े बिजनेस हब यानी 'मिलेनियम सिटी' गुरुग्राम का पब्लिक ट्रांसपोर्ट मैप एक बहुत बड़े अपग्रेड के लिए तैयार है। सार्वजनिक परिवहन को रफ्तार देने और रोजाना के ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से सोहना हाईवे पर स्थित भोंडसी गांव तक करीब 20 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर का खाका तैयार कर लिया गया है। सरकारी कंसल्टेंसी एजेंसी राइट्स (RITES) द्वारा तैयार किए गए इस शुरुआती एलाइनमेंट प्लान में कुल 17 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के आने से न केवल गुरुग्राम के लाखों दैनिक यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि सोहना रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन के रियल एस्टेट मार्केट को भी जबरदस्त बूस्टर डोज मिलने वाली है।

हाईवे छोड़ रिहायशी इलाकों की तरफ मुड़ी मेट्रो, जानिए क्यों बदला रूट?

शुरुआती योजना के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन को सीधे और पूरी तरह से सोहना रोड (गुरुग्राम-सोहना हाईवे) के ऊपर से गुजारा जाना था। लेकिन, जब ट्रैफिक एक्सपर्ट्स और सर्वे एजेंसियों ने इस सीधे रूट का अध्ययन किया, तो पता चला कि सीधे मुख्य हाईवे पर पैसेंजर्स (राइडरशिप) की संख्या अनुमान से काफी कम रह सकती है।

प्रशासनिक स्तर पर कोई भी ऐसी गलती नहीं दोहराना चाहता था जिससे मेट्रो घाटे में चले। यही वजह है कि गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) के अधिकारियों ने इसके रूट में बदलाव का फैसला किया। अब मुख्य हाईवे के बजाय मेट्रो रूट को उन सेक्टर्स और सोसायटियों की तरफ मोड़ा जा रहा है, जहां लाखों की आबादी रहती है। वर्तमान में अधिकारी इसके तीन अलग-अलग रूट वेरिएशन्स पर बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।

ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा

घनी आबादी वाले इलाकों को जोड़ने की वजह से सबसे बड़ी चुनौती जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक की थी। इससे बचने के लिए प्लानर्स और इंजीनियरों ने सरकार को सुझाव दिया है कि इस पूरे 20 किलोमीटर के रूट को अंडरग्राउंड (भूमिगत) बनाया जाना चाहिए। अंडरग्राउंड होने से न तो निर्माण के दौरान ऊपर की सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होगा और न ही तोड़फोड़ की कोई बड़ी नौबत आएगी। फिलहाल राइट्स (RITES) द्वारा इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को वित्तीय और तकनीकी पहलुओं से परखा जा रहा है ताकि अंतिम बजट तय हो सके।

इन 17 स्टेशनों से होकर गुजरेगा नया मेट्रो रूट

प्रस्तावित नए एलाइनमेंट ब्लूप्रिंट के अनुसार, मेट्रो भोंडसी गांव से शुरू होकर पुराने और नए गुरुग्राम के सबसे व्यस्त और घने इलाकों को आपस में जोड़ेगी। इन प्रस्तावित स्टेशनों में भोंडसी (शुरुआती पॉइंट), मोहन नगर, पावर कॉलोनी, बादशाहपुर, सेक्टर-67, M3M अर्बाना चौक, सेक्टर-65, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, फ्रेस्को स्क्वेयर, साउथ सिटी-II, सेक्टर-47, बख्तावर चौक, मेदांता अस्पताल, मिनी सचिवालय, सदर बाजार, सेक्टर-8 (प्रेम मंदिर), भीम नगर / गुरुग्राम रेलवे स्टेशन (अंतिम पॉइंट) शामिल हैं।

यह नया मेट्रो कॉरिडोर सेक्टर-5 के पास 'ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो' लाइन के साथ सीधे कनेक्ट हो जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि यात्रियों के लिए एक लाइन से दूसरी लाइन बदलना बेहद आसान हो जाएगा और वे बिना किसी परेशानी के पूरे दिल्ली-एनसीआर में सफर कर सकेंगे।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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