Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर एक बार फिर पोस्टर वार देखने को मिला है। सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए एक नए और अनोखे राजनीतिक पोस्टर ने सोशल मीडिया पर चर्चा गर्म कर दी है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक द्वारा लगवाए गए इस पोस्टर में तुकबंदी वाले स्लोगन के जरिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दोनों पर तीखा हमला बोला गया है।
पोस्टर में लिखे स्लोगन बने चर्चा का केंद्र
सपा कार्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है "एक कचौड़ी दो समोसा, जनता को BJP पे नहीं भरोसा", "एक कचौड़ी दो समोसा, चुनाव आयोग में न करना भरोसा"। पोस्टर में इन तंजभरे नारों के साथ-साथ चुनाव आयोग की तस्वीर भी लगाई गई है, जिसके माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और व्यवस्था के प्रति जनता के कथित अविश्वास और आक्रोश को दर्शाने की कोशिश की गई है।
"यह केवल तुकबंदी नहीं, नौजवानों का दर्द है"
पोस्टर लगाने वाले सपा नेता मोहम्मद इखलाक ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह मामला केवल कचौड़ी और समोसे की तुकबंदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों नौजवानों और मतदाताओं के भरोसे से जुड़ा हुआ गंभीर मुद्दा है। उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस युवा पीढ़ी को रोजगार और बेहतर भविष्य के बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे, आज उन्हें नौकरी देने के बजाय ई-रिक्शा और टैक्सी चलाने की सलाह दी जा रही है। युवा ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
सपा नेता ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई धांधली की घटना और अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे का हवाला देते हुए चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव काफी समय से 'वोट चोरी' और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का मुद्दा प्रमुखता से उठा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य और प्रमाण सौंपने के बाद भी चुनाव आयोग ने इस पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया। सपा का दावा है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं रह गई है और इसी नाराजगी को सार्वजनिक करने के लिए पार्टी मुख्यालय के बाहर यह पोस्टर लगाया गया है।
