Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा से आगरा तक 165 किमी लंबा और 100 मीटर चौड़ा यमुना एक्सप्रेस वे है। एक्सप्रेस वे पर बढ़ते ठंड और कोहरे के बीच दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यमुना प्राधिकरण (यीडा) लगातार प्रयास भी कर रहा है। भारी व हल्के वाहनों की स्पीड को कम किया गया है। इसके बावजूद हादसे में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। यह अधिकारियों के लिए चिंता का कारण बन गया था। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ के अनुसार, हादसों को रोकने के लिए एक्सप्रेस वे के किनारे लगे बीम की ऊंचाई को बढ़ाया जाएगा ।
बता दें कि, यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो पॉइंट पर सोमवार को एक दुर्घटना हुई थी। हादसे में एक कैंटर फ्लाईओवर के ऊपर से नीचे गिर गया था। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले को संज्ञान लेते हुए यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने एक्सप्रेस-वे के मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन के लिए उत्तरदाई संस्था से एक रिपोर्ट देने के लिए कहा था। इस संबंध में संस्था ने अपनी रिपोर्ट में एक्सप्रेस वे के साइड पर सुरक्षा के लिए लगे बीम को एक बड़ा कारण बताया है।
इस वजह से होते हैं हादसे
सीईओ अरुणवीर सिंह के अनुसार, एक्सप्रेस-वे के मेंटेनेंस, रिपेयर और ऑपरेशन के लिए उत्तरदाई संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बीम की ऊंचाई आधा मीटर है । जिसके कारण इस प्रकार के हादसे हो रहे हैं। पहले भी इस प्रकार के कई हादसे होते रहे है। सीईओ अरुणवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, कई दूसरे एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा के लिए जो बीम (रेलिंग) लगाई गई थी, उसकी उँचाई आधा मीटर थी, लेकिन अब इसको चेंज कर ऊंचाई को 2.5 मीटर कर दिया गया है।
बीम की ऊंचाई बढ़ाने से हादसों में आएगी कमी
प्राधिकरण के सीईओ के अनुसार, अन्य एक्सप्रेस वे पर जो हाई बीम लगाए गए है, उससे 50 फीसदी दुर्घटनाओं में कमी आ गई है। यमुना एक्सप्रेस वे पर रोड के साइड में जो बीम लगे हैं उनको तोड़ कर दो घटनाएं हो चुकी हैं। मतलब कि, उसमें भी सुधार करने की आवश्यकता है। इसी प्रकार एक्सप्रेस वे की दोनों साइडों में सुरक्षा के लिए जो बीम लगे हैं उनकी हाइट को 2.78 की ऊंचाई तक किया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से यह निर्णय लिया गया है। इससे दुर्घटनाओं में काफी कमी आ सकती है।
