Greater Noida News: अभ्युदय योजना के तहत यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के बेसिक स्कूलों की सूरत बदलने का प्लान कर रहा है। पहले चरण में फिलहाल 13 स्कूलों में इस योजना के तहत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्लान है। इस दौरान हर स्कूल पर करीब 98 लाख रुपए खर्च होंगे। यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह के अनुसार, अभ्युदय योजना के तहत स्कूलों में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है।
बता दें कि, प्राधिकरण के क्षेत्र में 96 बेसिक स्कूल आते है। इसमें पहले चरण में 13 सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों की तरह सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इस योजना का लाभ इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सीधे तौर पर मिल सकेगा।
कंप्यूटर युक्त पुस्तकालय का होगा निर्माण
अथॉरिटी के सीईओ अरुणवीर सिंह के अनुसार, एक स्कूल पर करीब 98 लाख रुपए खर्च आने का अनुमान है। इस धनराशि से स्कूलों में विज्ञान एवं गणित की लैब बनाई जाएंगी। साथ ही मिड डे मील का खाना परोसने के लिए बेहतर क्वालिटी के डाइनिंग टेबल की भी व्यवस्था की जाएगी। प्राधिकरण इस माह इसके लिए निविदा जारी करेगी। इन सभी स्कूलों का आधुनिकरण किया जाएगा। स्कूलों में महिला-पुरुष स्टाफ के लिए अलग-अलग शौचालय, दिव्यांग के लिए अलग से शौचालय और कंप्यूटर युक्त पुस्तकालय बनाने की योजना है। लाइब्रेरी में एक साथ करीब 50 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे।
इन 13 गांवों के स्कूलों का होगा कायाकल्प
सीईओ अरुणवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, स्कूलों में कंप्यूटर की लैब भी बनाई जाएगी। जिसमें 40 बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, ओपन जिम, प्ले ग्राउंड जिसमें बैडमिंटन, वॉलीबाल कोर्ट बनाए जाएंगे। साथ ही मिड डे मील खाने के लिए स्पेशल डाइनिंग टेबल, किचन गार्डन की सुविधा भी विकसित कर दी जाएगी। 13 गांव के स्कूलों को इस योजना में शामिल कर लिया गया है। बता दें कि, पचोकरा, डूंगरपुर, रिलखा, अट्टा फतेहपुर, तिलथरी, चोरोली, जोनचाना, जेवर खादर, पुनर्वास साइट का स्कूल, नीमका, दनकौर, भट्टा, साबोता और मुस्तफाबाद गांव के स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। फिलहाल इन्हीं 13 स्कूलों में कार्य कराने की योजना है। इसके बाद प्राधिकरण के अन्य स्कूलों में भी कायाकल्प कराने का 31 मार्च तक फैसला लिया जाएगा।
