नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में नबाव अब्दुल समद के मकबरे को लेकर बवाल बढ़ता दिख रहा है। दरअसल 10 अगस्त को भाजपा (BJP) जिला अध्यक्ष ने मकबरे को ठाकुर मंदिर बताकर 11 अगस्त को सफाई कर पूजा करने का आवाहन किया था। हिंदू संगठनों का दावा है कि यह मकबरा नहीं मंदिर है।
हालात को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है और सैकड़ो की संख्या में पहुंचे हिन्दू संगठन के लोगो को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया है। यहां हिंदू संगठनों के नेता जमकर नारेबाजी कर रहे है। हिन्दू संगठन की चेतावनी के बाद से जिला प्रशासन ने मकबरे को बल्लियों के सहारे बैटिकेडिंग कर किसी को भी वहां जाने की अनुमति नही दी है।
अबुनगर स्थित इस 200 वर्ष पुराने मकबरे को लेकर जहां दोनों समुदाय के लोग इकट्ठा हो रहे है वहीं जिला प्रशासन ने पीएसी सहित कई थानों की फोर्स को मकबरे के पास एलर्ट कर दिया है वहां किसी को भी जाने की अनुमति नही है। राष्ट्रीय ओलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशादी ने इसे राष्ट्रीय संपति बताया है। जबकि उस मामले में जिला प्रशासन के आलाधिकारी कुछ कहने से इंकार कर रहे है। जबकि स्थानीय महिलाओं ने कहा कि यह मंदिर है इसके अंदर जंजीर गुम्बद में लटक रही है।
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मामले को लेकर कहा है कि किसी को भी कानून व्यवस्था हाथ लेने का अधिकार नहीं है। इस पूरे मामले में हमारी सरकार तत्काल एक्शन ले रही है। इसके जिम्मेदार होंगे के खिलाफ कार्रवाई होगी इस पूरे मामले पर जिले के अधिकारियों से बात कर अपडेट की जाएगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
