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Delhi-Dehradun Expressway: अब बचे सिर्फ 8 दिन, जानें पूरा रूट, टोल टैक्स और खास बातें

Delhi Dehradun Expressway 14 अप्रैल से आम जनता के लिए खुलने जा रहा है। चलिए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे की खास बातें और लोगों को लंबे समय से इसके खुलने का इंतजार क्यों है।

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का 14 अप्रैल को उद्घाटन होने वाला है

Delhi-Dehradun Expressway: आखिरकार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इंतजार खत्म होने वाला है। अगले हफ्ते, मंगलवार 14 अप्रैल को इस महत्वकांक्षी सड़क परियोजना का उद्घाटन होने जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच बना, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर दोनों शहरों की दूरी को कम करने के लिए बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के खुल जाने से दोनों शहरों के बीच की दूरी सिर्फ 210 किमी रह जाएगी। इस दूरी को मात्र 2.5 घंटे में तय किया जा सकेगा।

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बना यह हाई-स्पीड रूट, भारी जाम से जूझ रहे कई क्षेत्रों के लिए राहत लेकर आ रहा है। इसके अलावा इसके खुल जाने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक भी काफी हद तक कम हो जाएगा। आपने भी 14 अप्रैल के बाद इस रूट पर फर्राटा मारने की तैयारी कर ली है तो चलिए इस एक्सप्रेसवे के बारे में कुछ जरूरी बातें जान लेते हैं।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे नहीं, इकोनॉमिक कॉरिडोर है?

जी हां, आप सभी जगह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ही सुन रहे होंगे। हम भी आपकी सुविधा के लिए यही नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन यह एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि इकोनॉमिक कॉरिडोर है। यह रूट सिर्फ दिल्ली और देहरादून जैसे शहरों को आपस में जोड़ने के लिए एक हाई-स्पीड रोड इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। बल्कि इसका मकसद और भी बड़ा है। यही कारण है कि यह एक्सप्रेसवे नहीं, बल्कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (Delhi Dehradun Economic Corridor यानी DDEC) है। इस परियोजना को बनाने में लगभग 12000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

DDEC elevated corridor

दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बनाया गया एनिमल कॉरिडोर

इकोनॉमिक कॉरिडोर क्या होता है?

दिल्ली और देहरादून के बीच बने इकोनॉमिक कॉरिडोर का पीएम मोदी 14 अप्रैल को उद्घाटन करेंगे। NHAI की परियोजना यह सिर्फ दो शहरों को जोड़ने वाली सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि इसका मकसद पूरे रूट के आसपास इकोनॉमिक ग्रोथ और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना भी है। उम्मीद की जा रही है कि इस सड़क परियोजना पर ट्रैफिक शुरू होने से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी, क्योंकि अब यहां तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से पूरे रूट पर मैनुफैक्चरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर और वेयरहाउस जैसी इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा और रीयल एस्टेट डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली और देहरादून के बीच सफर में अभी लगने वाला 6.5 घंटे का समय इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के खुल जाने से मात्र 2.5 घंटे में पूरा हो जाएगा। इससे कम दामों में लॉजिस्टिक एक जगह से दूसरी जगह तेजी से पहुंचेगा। यह प्रोजेक्टर एक्सप्रेसवे न होकर इकोनॉमिक कॉरिडोर इसीलिए है, क्योंकि यह क्षेत्र में इंडस्ट्रियल ग्रोथ, टूरिज्म और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रूट क्या है?

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली में पांडव नगर और अक्षरधाम के पास से शुरू होता है। यहां से गीता कलोनी, लोनी, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर, गणेशपुर, डाट काली मंदिर होते हुए यह रूट देहरादून में आशारोड़ी चौक तक जाता है। यह सड़क परियोजना 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर है। जिसकी औसत स्पीड 100 किमी प्रति घंटे रखी गई है।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में खास क्या है?

इस सड़क परियोजना कई मायनों में खास है। देश की राजधानी दिल्ली से सिर्फ ढाई घंटे में आप इस कॉरिडोर का इस्तेमाल करके मसूरी की वादियों में पहुंच जाएंगे। कॉरिडोर की सबसे खास बात राजाजी नेशनल पार्क में बनाया गया 12 किमी का एलिवेटेड सेक्शन है। यह एशिया का सबसे बड़ा एनिमल कॉरिडोर है, जिसमें आप ऊपर से फर्राटा मारते हुए चले जाएंगे, जबकि नीचे जंगली जानवरों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा इस सेक्शन में एलिवेटेड हिस्से पर साउंड बेरियर बनाए गए हैं, ताकि ट्रैफिक का शोर जानवरों को परेशान न करे। पूरे रूट पर 10 बड़े पुल, 2 रेलवे ओवर ब्रिज, 7 इंटरचेंज, 14 Wayside Amenities (यात्री सुविधाएं) बनाई गई हैं।

रूट की कुल लंबाई 210 किमी
परियोजना पर खर्च12000 करोड़ रुपये
सफर में कितना समय लगेगा2.5 घंटे
बड़े पुल12
रेलवे ओवर ब्रिज2
इंटरचेंज7
यात्री सुविधाएं14

200 मीटर के एलिफेंट अंडरपास भी बनाए गए

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजर रहा है, जहां पर हाथियों की संख्या काफी ज्यादा है। यहां पर 200 मीटर के दो एलिफेंट अंडरपास बनाए गए हैं और 6 डेडिकेटेट एनिमल क्रॉसिंग्स भी बनाई गई हैं। इस प्रोजेक्ट के साथ हरिद्वार के लिए एक और स्पर जोड़ा जा रहा है। हरिद्वार स्पर से चारधाम हाईवे के साथ भी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

दिल्ली से देहरादून तक टोल कितना लगेगा?

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर 14 अप्रैल को आम जनता के लिए खुल जाएगा। आपने इस रूट पर फर्राटा मारने की तैयारी कर ली है तो बता दें कि कार और एसयूवी से अगर आप सफर करेंगे तो एक तरफ का टोल 675 रुपये चुकाना होगा। यानी दिल्ली से देहरादून तक या देहरादून से दिल्ली तक आप 675 रुपये का टोल चुकाकर पहुंच सकते हैं। अगर 24 घंटे के अंदर वापसी करते हैं तो दोनों तरफ का टोल कुल मिलाकर 1010 रुपये वसूला जाएगा। यानी 24 घंटे के अंदर इसी रूट से वापसी करने पर आपको सिर्फ 335 रुपये का टोल चुकाना पड़ेगा।

दिल्ली में अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक पहले 18 किमी का हिस्सा टोल फ्री है। यानी आप दिल्ली में इस रूट पर बिना टोल के फर्राटा भर सकते हैं। दिल्ली की तरफ से जाने पर पहला टोल प्लाजा लोनी बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश में मौजूद है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर टोल का कलेक्शन पूरी तरह से FASTag से ऑटोमैटेड होगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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