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दिल्ली में आज से जनगणना शुरू, घर-घर पहुंचेगी टीम; जानें क्या पूछेगा गणनाकर्मी?

दिल्ली में 16 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होने वाला है, जिसमें घरों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में होगी और पूरी तरह डिजिटल रहेगी। नागरिक ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे।

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सांकेतिक फोटो (AI Image)

Delhi Census First Phase: देश की राजधानी दिल्ली में 16 अप्रैल से जनगणना का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान टीमें घर-घर जाकर इमारतों और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाएंगी। इस बार जनगणना का पूरा प्रोसेस डिजिटल होगा, जिसमें लोग खुद भी ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे।

दो चरणों में होगी जनगणना

भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, देश में जनगणना की प्रक्रिया दो फेज में पूरी की जाएगी। पहला फेज ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ और दूसरा फेज ‘पॉपुलेशन काउंटिंग’ का होगा। दोनों चरण करीब 30 दिन तक चलेंगे। राजधानी में जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई तक चलेगा। जिसमें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट क्षेत्रों में डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में 16 मई से 15 जून तक दिल्ली नगर निगम (MCD) के तहत आने वाले क्षेत्रों में जानकारी एकत्र की जाएगी।

खुद भी ऑनलाइन भर सकेंगे फॉर्म

इस बार जनगणना प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए डिजिटल तरीका अपनाया गया है। नागरिक खुद भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फॉर्म भरने के बाद उन्हें 16 अंकों का एक यूनिक कोड मिलेगा। जब गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) उनके घर आएंगे, तो इस कोड के जरिए जानकारी का सत्यापन किया जा सकेगा। अगर किसी जानकारी में गलती हो, तो उसे ठीक भी कराया जा सकता है।

जनगणना में कौन से सवाल पूछे जाएंगे?

जनगणना के दौरान लोगों से लगभग 33 सवाल पूछे जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से 22 जनवरी को जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, इन सवालों में घर की बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, शौचालय, रसोई और ईंधन (एलपीजी या पीएनजी) से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा घर के मालिकाना हक, परिवार के सदस्यों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या और कमरों की संख्या जैसी जानकारी भी ली जाएगी। लोगों के पास टीवी, मोबाइल, इंटरनेट, कंप्यूटर या वाहन जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, ये सवाल भी जनगणना के दौरान पूछे जाएंगे। साथ ही लोगों के मोबाइल नंबर भी लिए जाएंगे, ताकि जनगणना से जुड़ी जानकारी आसानी से साझा की जा सके।

गलत सवाल पूछने पर होगी कार्रवाई

नागरिकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि गणनाकर्मी केवल तय सवाल ही उनसे पूछ सकते हैं। अगर कोई अधिकारी जानबूझकर गलत या अनुचित सवाल पूछता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उसे तीन साल तक की सजा भी दी जा सकती है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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