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Noida: नोएडा में हिंसा के बाद पटरी पर लौटी इंडस्ट्री, फ्लैग मार्च के साए में खुली फैक्ट्रियां

नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। अधिकतर औद्योगिक इकाइयां बुधवार को खुल गई हैं। पुलिस ने फ्लैग मार्च कर सुरक्षा बढ़ाई है। हालांकि वेतन बढ़ोतरी के बावजूद असंतोष बना हुआ है।

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नोएडा प्रोटेस्ट की फाइल फोटो

Photo : PTI

Noida Protest News: नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में एक हफ्ते तक चले हिंसक प्रदर्शन के बाद हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। बुधवार को अधिकांश फैक्ट्रियां और संस्थान फिर से खुल गए। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा कड़ी करते हुए फ्लैग मार्च निकाला। क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थान भी खुल गए हैं। पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों के बीच कई कंपनी में बहुत कम कामगार आए और अधिकतर मजदूरों को यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें उपद्रवी मानकर गिरफ्तार न कर लिया जाए।

वेतन बढ़ा पर नाराजगी बरकरार

मिक अपनी मांगों को लेकर सुबह कुछ स्थानों पर इकट्ठा होना शुरू हुए, जिन्हें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस काम पर भेज दिया। किसी के भी हिंसक होने के प्रयास किए जाने पर पुलिस ने हिरासत में लिए जाने की चेतावनी दी। यहां के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के बाद मंगलवार को की गई। इस पहल से कई मजदूर संतुष्ट हैं जबकि कुछ श्रमिक इससे असंतुष्ट है। वहीं बुधवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में पुलिस अधिकारी गश्त पर रहे।

पुलिस ने जगह-जगह ’’फ्लैग मार्च’’ निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जगह-जगह अर्धसैनिक बल तैनात

नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन से बेपटरी हुई व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए शासन-प्रशासन सख्ती से निपट रहा है। जगह-जगह अर्धसैनिक बलों के साथ चौकियां स्थापित कर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। नोएडा में बुधवार को करीब 11,098 औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुले। कुछ शैक्षणिक संस्थानों पर सुबह मजदूरों ने फिर से विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस काम पर भेज दिया।

पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों समेत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है। वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों का करीब एक सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया था और आंदोलन के दौरान उपद्रव की घटनाएं भी सामने आईं थीं। इस दौरान करीब 500 औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की गई, सड़क पर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और कुछ वाहनों को आगे के हवाले कर दिया गया। इस उपद्रव से उद्यमियों में दहशत फैल गई, जिसके बाद औद्योगिक संगठनों ने शासन प्रशासन पर दबाव बनाया और ऐलान किया गया था कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक इकाइयों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाएगा।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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