छोटे निवेशकों के बीच सिप काफी पॉपलुर है। इसकी वजह यह है कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का आसान तरीका माना जाता है। लेकिन सिप से भी बेहतर Step-Up SIP है। इसमें निवेशक समय के साथ लगातार अपना SIP योगदान बढ़ाते हैं, तो कंपाउंडिंग का असर से बड़ा फंड कम समय में बन जाता है। हालांकि, बहुत सारे निवेश सिप तो करते हैं लेकिन स्टेप-अप सिप नहीं करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे सिर्फ ₹2500 की हर साल बढ़ोतरी से बड़ा फंड बनाया जा सकता है।
सधारण सिप Vs स्टेप-अप सिप
- मंथली SIP: ₹10,000
- निवेश की अवधि: 10 साल
- अनुमानित रिटर्न: 12%
- निवेश की गई रकम: ₹12,00,000
- अनुमानित रिटर्न: ₹10,40,359
- कुल कॉर्पस: ₹22,40,359
Step-Up SIP का जादू
- मंथली SIP: ₹10,000
- सालाना Step-Up: 10%
- निवेश की अवधि: 10 साल
- अनुमानित रिटर्न: 12%
- निवेश की गई रकम: ₹38,12,698
- अनुमानित रिटर्न: ₹44,62,020
- कुल कॉर्पस: ₹82,74,718
इस कैलकुलेशन में 10% सालाना स्टेप-अप को शामिल किया गया है, जो दिखाता है कि SIP की रकम को धीरे-धीरे बढ़ाने से लंबे समय में कुल कॉर्पस कैसे चार गुना हो सकता है।
क्या SIP पर रिटर्न की गारंटी होती है?
यह याद रखना जरूरी है कि शेयर बाजार से मिलने वाले रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए, बाजार के प्रदर्शन के आधार पर असल कॉर्पस इन अनुमानों से काफी अलग हो सकता है। हालांकि, जो लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं, उनके लिए 'स्टेप-अप SIP' निवेश को धीरे-धीरे बढ़ाने का एक व्यवस्थित तरीका हो सकता है, बजाय इसके कि एक ही बार में बचत में बड़ी बढ़ोतरी करनी पड़े। निवेश की लंबी अवधि पैसे को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए ज्यादा दे सकती है। इसलिए सिप या स्टेप-अप सिप हमेशा लंबी अवधि के लिए करें। आप ऐसा कर न सिर्फ मार्केट जोखिम को कम कर सकते हैं बल्कि अनुशासित निवेश से बहुत ही छोटी रकम में लाखों का फंड बना सकते हैं।
