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Step-Up SIP का जादू: सिर्फ 10% की हर साल बढ़ोतरी से बन सकता है 4 गुना बड़ा फंड

अगर आप अभी तक सिप कर रहे हैं तो अब Step-Up SIP करना शुरू कीजिए। यकीन मानिये आप कम समय में बड़ा फंड जमा कर लेंगे।

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Step-Up SIP का जादू

छोटे निवेशकों के बीच सिप काफी पॉपलुर है। इसकी वजह यह है कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का आसान तरीका माना जाता है। लेकिन सिप से भी बेहतर Step-Up SIP है। इसमें निवेशक समय के साथ लगातार अपना SIP योगदान बढ़ाते हैं, तो कंपाउंडिंग का असर से बड़ा फंड कम समय में बन जाता है। हालांकि, बहुत सारे निवेश सिप तो करते हैं लेकिन स्टेप-अप सिप नहीं करते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे सिर्फ ₹2500 की हर साल बढ़ोतरी से बड़ा फंड बनाया जा सकता है।

सधारण सिप Vs स्टेप-अप सिप

  • मंथली SIP: ₹10,000
  • निवेश की अवधि: 10 साल
  • अनुमानित रिटर्न: 12%
  • निवेश की गई रकम: ₹12,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹10,40,359
  • कुल कॉर्पस: ₹22,40,359

Step-Up SIP का जादू

  • मंथली SIP: ₹10,000
  • सालाना Step-Up: 10%
  • निवेश की अवधि: 10 साल
  • अनुमानित रिटर्न: 12%
  • निवेश की गई रकम: ₹38,12,698
  • अनुमानित रिटर्न: ₹44,62,020
  • कुल कॉर्पस: ₹82,74,718

इस कैलकुलेशन में 10% सालाना स्टेप-अप को शामिल किया गया है, जो दिखाता है कि SIP की रकम को धीरे-धीरे बढ़ाने से लंबे समय में कुल कॉर्पस कैसे चार गुना हो सकता है।

क्या SIP पर रिटर्न की गारंटी होती है?

यह याद रखना जरूरी है कि शेयर बाजार से मिलने वाले रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए, बाजार के प्रदर्शन के आधार पर असल कॉर्पस इन अनुमानों से काफी अलग हो सकता है। हालांकि, जो लोग रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं, उनके लिए 'स्टेप-अप SIP' निवेश को धीरे-धीरे बढ़ाने का एक व्यवस्थित तरीका हो सकता है, बजाय इसके कि एक ही बार में बचत में बड़ी बढ़ोतरी करनी पड़े। निवेश की लंबी अवधि पैसे को कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए ज्यादा दे सकती है। इसलिए सिप या स्टेप-अप सिप हमेशा लंबी अवधि के लिए करें। आप ऐसा कर न सिर्फ मार्केट जोखिम को कम कर सकते हैं बल्कि अनुशासित निवेश से बहुत ही छोटी रकम में लाखों का फंड बना सकते हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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