अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो दिल्ली के ट्रैफिक को झेलना आपकी मजबूरी है। हालांकि, दिल्लीवासियों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार की तरफ से लगातार कोशिशें होती रहती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में पिछले दो दशकों में फ्लाइओवर्स और अंडरपास का जाल बिछा दिया गया है। कई जगहों पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए गए हैं और टनल भी बनाई गई हैं। इसके बावजदू कुछ इलाके अब भी ट्रैफिक के हॉट स्पॉट बने हुए हैं। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के कुछ हिस्से ट्रैफिक जाम के लिहाज से कुख्यात हैं। यहां के जाम से दिल्लीवासियों को निजात दिलाने के लिए एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है।
DPR और फिजिबिलिटी स्टडी के लिए फंड की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में ब्रिटानिया चौक से शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन होते हुए आउटर रिंग रोड तक लगभग छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना बनाई है। इस परियोजना के लिए फिजिबिलिटी स्टडी और DPR तैयार करने के वास्ते सलाहकार यानी एडवाइजर नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए 2.19 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति भी दे दी गई है।
एलिवेटेड रोड बनने से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति
PWD अधिकारियों के अनुसार, गुरु हरकिशन रोड पर लंबे समय से ट्रैफिक का भारी दबाव बना रहता है। खासतौर पर ब्रिटानिया चौक दिल्ली के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक है, जहां से हर रोज हजारों प्राइवेट और कॉमर्शियल गाड़ियां गुजरती हैं। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनने के बाद इस रूट पर जाम की समस्या में भारी कमी आने की उम्मीद है।
इन इलाके के लोगों को मिलेगा फायदा
यह प्रोजेक्ट ब्रिटानिया चौक, शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन और आउटर रिंग रोड के बीच तेज एवं निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा और स्थानीय लोगों का यात्रा समय भी कम होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कॉरिडोर का सबसे ज्यादा फायदा शकूर बस्ती, वजीरपुर, लारेंस रोड, केशवपुरम, त्रिनगर, पंजाबी बाग, अशोक विहार तथा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और कारोबारियों को मिलेगा।
यही नहीं, हरियाणा की तरफ से आने-जाने वाले मालवाहक और कॉमर्शियल वाहनों की आवाजाही भी ज्यादा आसान हो जाएगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों तक माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदूषण घटेगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी
PWD का मानना है कि एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से यहां वाहनों की औसत गति बढ़ जाएगी, ईंधन की खपत कम होगी और ट्रैफिक जाम घटने से वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन और आउटर रिंग रोड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से इलाके में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है।
फिलहाल यह प्रोजेक्ट DPR और फिजिबिलिटी स्टडी के चरण में है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण लागत, डिजाइन, समयसीमा और निर्माण की विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी। अगर परियोजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो यह उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के ट्रैफिक मैनेजमेंट में एक अहम बदलाव साबित हो सकती है।
